लखनऊ में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान अवधेश कुमार नामक युवक भावुक होकर रो पड़ा। अवधेश ने बताया कि युवा दिवस पर दिए जाने वाले पुरस्कार की सूची में उसका नाम पहले शामिल था, लेकिन बाद में बिना किसी सूचना के उसे सूची से हटा दिया गया। उसने कहा कि जिस दिन सम्मान मिलने की उम्मीद थी, उसी दिन उसे अपमान का सामना करना पड़ा।
दरअसल, अवधेश को विवेकानंद यूथ अवॉर्ड से सम्मानित किए जाने की सूचना दी गई थी और इसके लिए अधिकारियों की ओर से उसे आमंत्रण पत्र भी भेजा गया था। हालांकि, 12 जनवरी को कार्यक्रम से ठीक पहले उसका नाम पुरस्कार सूची से हटा दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 10 युवाओं को विवेकानंद यूथ अवॉर्ड प्रदान किया। सम्मानित युवाओं को 50 हजार रुपये की नकद राशि के साथ स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र भेंट किए गए। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में आयोजित इस युवा दिवस समारोह में सैकड़ों युवाओं की उपस्थिति रही, वहीं महिला मंगल दलों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
15 नामों की सूची में था चयन, फिर अचानक बाहर
मोहनलालगंज क्षेत्र के गनेश खेड़ा गांव निवासी अवधेश ने बताया कि विवेकानंद यूथ अवॉर्ड के लिए पहले 15 युवाओं की सूची जारी की गई थी, जिनमें से 10 का चयन होना था। उसने कहा कि कार्यक्रम से एक दिन पहले उसे चयन का पत्र भी प्राप्त हुआ था और अधिकारियों ने फोन कर उसके चयन की पुष्टि की थी। हालांकि, कार्यक्रम वाले दिन सुबह अचानक उसका नाम सूची से हटा दिया गया, जिसका कारण उसे अब तक समझ नहीं आ पाया।









