माघ मेले में उमड़ने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं, मजबूत सुरक्षा और त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए मेला प्रशासन ने एक नई डिजिटल व्यवस्था लागू की है। मुख्यमंत्री ने इस अभिनव पहल का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्युत विभाग के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के जरिए श्रद्धालुओं की सेवा करना समय की आवश्यकता है। यह डिजिटल पहल माघ मेले को पहले से अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाएगी।
मेले में शिकायत दर्ज कराना अब आसान
मेला अवधि में लाउडस्पीकरों, भारी भीड़ और शोरगुल के चलते फोन पर शिकायत दर्ज कराना कई बार मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए यह डिजिटल प्रणाली तैयार की गई है। क्यूआर कोड के जरिए की गई शिकायतें सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचेंगी, जिससे उनका शीघ्र और प्रभावी निवारण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
15,500 बिजली खंभों पर लगाए गए क्यूआर कोड
मेला प्रशासन ने मेला क्षेत्र में स्थापित 15,500 बिजली खंभों पर विशेष क्यूआर कोड लगाए हैं। इन क्यूआर कोड को स्कैन करते ही श्रद्धालु सीधे ‘मेला सेवा ऐप’ से जुड़ सकेंगे। स्कैन करने पर मोबाइल स्क्रीन पर एक ऑनलाइन फॉर्म खुलेगा, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर और सुरक्षा कोड दर्ज कर श्रद्धालु अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे या आवश्यक जानकारी हासिल कर सकेंगे।
हर 25 मीटर पर विद्युत खंभे
मेला क्षेत्र में प्रत्येक 25 मीटर की दूरी पर विद्युत खंभे लगाए गए हैं। इन खंभों पर स्थित क्यूआर कोड को स्कैन करने पर श्रद्धालुओं को नजदीकी अस्पताल, पुलिस चौकी, स्नान घाट, पार्किंग, जन-आश्रय और अन्य जरूरी सुविधाओं की सटीक जानकारी मिल सकेगी। यह सुविधा आपातकालीन परिस्थितियों में समय बचाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को तुरंत मदद प्रदान करने में सहायक होगी।
श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में सटीक लोकेशन की सुविधा
इस डिजिटल पहल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि श्रद्धालु क्यूआर कोड स्कैन करके अपनी सटीक लोकेशन सीधे प्रशासन के साथ साझा कर सकेंगे। प्रत्येक विद्युत खंभे पर संबंधित सड़क का नाम, सेक्टर और गूगल कोड (जी-कोड) अंकित किया गया है। इससे श्रद्धालुओं को यह स्पष्ट जानकारी मिलेगी कि वे मेला क्षेत्र के किस स्थान पर स्थित हैं।








