मध्य प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता Kailash Vijayvargiya एक बार फिर अपने बयानों के कारण विवादों में घिर गए हैं. ताजा मामला उनके अपने गृह नगर इंदौर का है, जहां दूषित पानी के कारण हुई मौतों पर सवाल पूछने पर उन्होंने अपना आपा खो दिया. हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने माफी मांग ली, लेकिन उनके विवादित बयानों का इतिहास काफी पुराना है.
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 10 से अधिक लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए. यह क्षेत्र विजयवर्गीय की विधानसभा में आता है. जब मीडियाकर्मियों ने उनसे इस त्रासदी की जिम्मेदारी, इलाज के खर्च और पानी की व्यवस्था को लेकर सवाल किए, तो मंत्री जी भड़क गए.
वायरल वीडियो में वे कहते सुनाई दिए, “छोड़ो यार, फोकट का प्रश्न मत पूछो.” इसके बाद उन्होंने कुछ आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया. इससे पहले उन्होंने यह भी कह दिया था कि कुछ मौतें ‘नेचुरल’ (प्राकृतिक) हैं. जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और आलोचना शुरू हुई, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि थकान और दुख के कारण गलत शब्द निकल गए थे.
महिलाओं के पहनावे पर टिप्पणी
कैलाश विजयवर्गीय अक्सर महिलाओं के कपड़ों को लेकर विवादित बयान देते रहे हैं. साल 2022 में हनुमान जयंती के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि “कुछ लड़कियां इतने गंदे कपड़े पहनती हैं कि वे शूर्पणखा लगती हैं.” उनका यह बयान राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा था.
इससे पहले 2025 में भी उन्होंने कहा था कि कम कपड़े पहनने वाली लड़कियां उन्हें पसंद नहीं हैं और सेल्फी के लिए उन्हें ‘प्रॉपर कपड़ों’ में आना चाहिए. वे कई बार सार्वजनिक मंचों से महिलाओं को देवी का दर्जा देने के बाद उनके पहनावे पर ‘नैतिकता’ का पाठ पढ़ाते नजर आए हैं.
ताजमहल को बताया था शिव मंदिर
विजयवर्गीय के निशाने पर केवल समकालीन मुद्दे ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक इमारतें भी रही हैं. दिसंबर 2025 में सागर जिले के बीना में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया था कि ताजमहल मूल रूप से एक हिंदू मंदिर था. उनके अनुसार, शाहजहां ने मुमताज को पहले बुरहानपुर में दफनाया था और बाद में एक मंदिर वाली जगह पर उनका शव ले जाकर ताजमहल बनवाया.
इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी और इसे सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वाला बताया था. वहीं, उनके समर्थकों ने इसे ऐतिहासिक तथ्यों की नई व्याख्या करार दिया था.
राजनीतिक विरोधियों और क्षेत्रीयता पर बयान
विपक्षी नेताओं और अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों पर भी विजयवर्गीय की टिप्पणियां चर्चा में रही हैं. उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के भाई-बहन के रिश्ते को ‘विदेशी वैल्यू’ करार दिया था. इसके अलावा, एक कार्यक्रम में बिहार के लोगों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा था कि बिहारी होना जरूरी नहीं कि विनम्र हो, हालांकि उन्होंने नितिन नवीन जैसे नेताओं की तारीफ भी की थी. इस बयान को क्षेत्रीय पूर्वाग्रह से जोड़कर देखा गया था.










