10 साल बाद हुआ बेटा, दूध के साथ दूषित पानी पीने से हुई मौत, माँ का रो-रोकर हुआ बुरा हाल

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By Raj RathorePublished On: January 2, 2026
Avyan Sahu Indore

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दूषित पानी पीने से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के भागीरथपुरा में दूषित जल से अब एक 6 महीने के मासूम बच्चे Avyan Sahu की मौत हो गई है। इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक मां ने अपने इकलौते बेटे को हमेशा के लिए खो दिया। जानकारी के मुताबिक, बच्चे को पैकेट बंद दूध में पानी मिलाकर पिलाया गया था, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई।

इस घटना ने एक बार फिर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के कई इलाकों में गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें लंबे समय से आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

मां की गोद हुई सूनी

घटना के बाद से पीड़ित परिवार में मातम पसरा हुआ है। जिस मां ने बड़े लाड़-प्यार से अपने बच्चे को दूध पिलाया था, उसे अंदाजा भी नहीं था कि वह पानी उसके लिए ‘काल’ बन जाएगा। बच्चे की मौत के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है। यह परिवार के लिए एक ऐसा दर्द है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन अगर समय रहते जाग जाता, तो शायद इस मासूम की जान बच सकती थी।

10 साल के लंबे इंतजार के बाद हुआ था बेटा

अव्यान के पिता सुनील साहू के मुताबिक, उनकी बेटे की जन्म के 10 साल बाद उनके बीटा का जन्म हुआ था। साहू दपंति ने 10 साल तक बेटे होने की मन्नतें मांगी थी जिसके बाद उन्हें अव्यान के रूप में दूसरे संतान की खुशी मिली थी लेकिन इंदौर नगर निगम की लापरवाही की वजह से उनके एकलौते बेटे की मात्र 6 महीने की उम्र में ही मौत हो गई है।

अब तक 15 लोगों की मौत

इंदौर में दूषित पानी और उससे फैलने वाली बीमारियों ने अब तक 15 लोगों की जान ले ली है। शहर के भागीरथपुरा में लगातार उल्टी-दस्त और हैजा के मरीज सामने आ रहे हैं। इस त्रासदी में किसी ने अपने पिता को खोया है, तो किसी ने मां को। कई घरों में बुजुर्गों का साया उठ गया है। अब बच्चों की मौत की खबरें भी सामने आने लगी हैं, जिससे शहरवासियों में डर का माहौल है।