IIM इंदौर में एक्ज़ीक्यूटिव पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट की पहली बैच हुई शुरू

Share on:

आईआईएम इंदौर में एक्ज़ीक्यूटिव पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट, बैच -01 (EPGCPM-01) का उद्घाटन समारोह 22 नवंबर, 2020 को ऑनलाइन मोड में हुआ । कार्यक्रम आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रोफेसर हिमाँशु राय; प्रोफेसर राजहंस मिश्रा, कार्यक्रम समन्वयक, वीएलपीई, अनीश श्रीकृष्ण, चेयरपर्सन और सीईओ, टाइम्स प्रोफेशनल लर्निंग की उपस्थिति में हुआ । इस पाठ्यक्रम के लिए 54 प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन किया। प्रोफेसर राजहंस मिश्रा ने अपने स्वागत भाषण में कार्यक्रम की विशेषताओं और पाठ्यक्रम की जानकारी दी ।

प्रोफेसर राय ने नए बैच का स्वागत किया और इस बात पर जोर दिया कि प्रतिभागी न केवल कक्षा में बल्कि कक्षा के बाहर भी अपने कौशल और ज्ञान को बढ़ाने के लिए प्रयास कर सकते हैं । तीन P- Purpose (उद्देश्य), Passsion (जुनून) और Perseverance (दृढ़ता) के महत्व को साझा करते हुए, उन्होंने कहा कि हमें यह पता लगाना होगा कि हम समाज और राष्ट्र में समग्र रूप से क्या बदलाव लाना चाहते हैं और यही बदलाव हमारा उद्देश्य होगा । हमें अपने उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण की आवश्यकता है जो हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करे ।

एक बार जब हम उद्देश्य का पता लगा लेते हैं, तो हमें उस उद्देश्य को पूर्ण करने का जूनून भी महसूस होना चाहिए । उन्होंने बताया कि हमें यह समझने की आवश्यकता है कि हम अपनी पहचान अपने जुनून से प्राप्त करते हैं, न कि उस पदनाम या पद से जिसपर हम कार्यरत हैं । हमें हमारे व्यवहार में दृढ़ता के साथ अनुकूलता लानी होगी, जो हमें कड़ी मेहनत करने के साथ ही हमारे उद्देश्य प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध रखे । अपने समय का उपयोग हमेशा उन चीज़ों के लिए करें जो आपको पसंद हों और आपको आगे बढ़ने में मदद करें ।

श्री श्रीकृष्ण ने आईआईएम इंदौर के साथ सहयोग पर प्रसन्नता व्यक्त की । उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्रबंधकों को अप्रत्याशित परिस्थितियों और प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करना है, और चुनौतियों पर बेहतर रूप से काबू पाने और उनका सामना करने के लिए रणनीति बनाना है । उन्होंने कहा कि प्रबंधकों का सबसे महत्वपूर्ण कौशल अस्पष्टता से निपटने की क्षमता है, क्योंकि भारतीय कारोबारी माहौल तेजी से बदल रहा है और विकसित हो रहा है । प्रबंधन शिक्षा व्यक्ति के निर्णय लेने के की क्षमता बढाता है, जीवन में अनुशासन लाता है और प्रबंधन और नेतृत्व की चुनौतियों के लिए उन्हें तैयार करते हुए उनकी भावनात्मक सोच को भी प्रगाढ़ करता है।

EPGCPM कार्यक्रम की अवधि एक साल है और इसकी कक्षाएं सप्ताहांत पर ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी । यह कार्यक्रम विशेष रूप से कार्यकारी अधिकारियों और उद्यमियों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो प्रबंधन में अपना कौशल सुधारना चाहते हैं । पाठ्यक्रम में विभिन्न प्रबंधन कार्यों से संदर्भ अवधारणा को शामिल करने वाले विषय शामिल हैं जो मौजूदा व्यावसायिक वातावरण के लिए अत्यधिक प्रासंगिक हैं ।