बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर होगा 300 कन्याओं का सामूहिक विवाह, नेपाल की बेटी भी बनेगी दुल्हन

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By Raj RathorePublished On: February 2, 2026
Bagheshwar Dham Samuhik Vivah

Dhirendra Shashtri : मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बागेश्वर धाम में एक बार फिर भव्य सामूहिक विवाह समारोह की तैयारी शुरू हो गई है। हर वर्ष की भांति इस साल भी महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ‘कन्या विवाह महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। इस बार का आयोजन इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह अब अंतरराष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है। इस समारोह में नेपाल की एक युवती का विवाह भी संपन्न कराया जाएगा।

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस आयोजन को लेकर वर और वधु पक्षों के साथ संवाद किया और उन्हें उपहार भेंट किए। उन्होंने सभी दूल्हा-दुल्हन के लिए आर्थिक सुरक्षा के तौर पर एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की है।

फिक्स्ड डिपॉजिट का तोहफा

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ऐलान किया कि नवविवाहित जोड़ों के नाम पर 30,000 रुपये की जॉइंट फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराई जाएगी। यह एफडी 5 साल की लॉकिंग अवधि के साथ होगी, यानी इसे पांच साल से पहले नहीं तोड़ा जा सकेगा। इसका उद्देश्य नए जोड़ों को भविष्य के लिए आर्थिक संबल प्रदान करना है।

इसके अलावा, बाबा बागेश्वर ने वर-वधु को शादी के लिए जरूरी सामान जैसे लहंगा, चुनरी, शेरवानी, टोपी और वरमाला आदि भेंट किए। उन्होंने दूल्हा और दुल्हन के परिवारों को शुरुआती तोहफे देकर उनका स्वागत किया।

ससुराल वालों को दी खास नसीहत

विवाह से पहले आयोजित मिलन समारोह में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने वर पक्ष और ससुराल वालों को सख्त हिदायत और स्नेहपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि वे अपनी बहुओं को बेटियों जैसा सम्मान दें। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उन्हें किसी भी तरह की कोई शिकायत न हो। माहौल को हल्का-फुल्का बनाने के लिए उन्होंने कुछ समधियों को मंच पर बुलाया, उनसे मजाक किया और होली के शगुन के तौर पर उनके चेहरों पर गुलाल भी लगाया।

500 में से चुनी गईं 300 बेटियां

बागेश्वर धाम की तरफ से बताया गया कि विवाह के लिए बेटियों का चयन एक बेहद पारदर्शी और सख्त प्रक्रिया के तहत किया गया है। सर्वे टीम ने करीब 500 से अधिक आवेदनों की जांच की। धाम के पास वर्तमान में 300 शादियां कराने की ही व्यवस्था है, इसलिए बहुत ही जरूरतमंद लड़कियों को प्राथमिकता दी गई।

“हमारी सर्वे टीम ने 500 से ज्यादा लड़कियों में से 300 को चुना है। इसमें उन बेटियों को प्राथमिकता दी गई जो बहुत गरीब, अनाथ या पूरी तरह बेसहारा थीं। ये बेटियां अब बालाजी (भगवान हनुमान) की बेटियां हैं और इनकी विदाई पूरे धूमधाम से होगी।” — पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

साधु-संतों की मौजूदगी 

आगामी महाशिवरात्रि पर होने वाले इस महोत्सव में देश भर से साधु-संत और धर्माचार्य शामिल होंगे। उनकी मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 300 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि बालाजी की कृपा से यह आयोजन भव्य होगा और समाज के लिए एक उदाहरण पेश करेगा। धाम में इस आयोजन को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।