प्रदीप मिश्रा

शहर हित में उद्योग संचालक एमआर 4 के लिए अपनी औद्योगिक जमीन देने के लिए राजी हो गए है। इस के पहले उद्योग संचालक अपने 10 उद्योगों को बचाने के लिए 24 मीटर ही चौड़ी सड़क चाहते थे। जबकि नगरनिगम प्रशासन 30 मीटर चौड़ी सड़क के लिए टेंडर भी निकाल चुका था। जिला प्रशासन ने उद्योग संचालको को विश्वास दिलाया कि जिनके उद्योग पूरी तरह से टूटेंगे उन्हें उसके बदले उतनी ही जमीन दी जायेगी। इसके बाद उद्योग संचालको औऱ प्रशासन में आपसी सहमति बन गई। इस वजह से औद्योगिक क्षेत्र में 30 मीटर चौड़ी एमआर-4 सड़क बनने का रास्ता साफ हो गया है।

कुछ दिनों में शहर को बड़ी राहत मिलने वाली है। कई सालों से अधूरा पड़ी एमआर- 4 की सड़क बनने के बीच की बाधाए धीरे धीरे दूर होती जा रही है। इस सड़क के निर्माण में सबसे बड़ी अड़चन सांवेर रोड इंडस्ट्रियल एरिया में आ रही थी क्योकि यह तीस मीटर सड़क औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर -डी के अंदर से जा रही है। यंहा पर सालो से उद्योग लगे हुए है। सड़क निर्माण के दौरान 10 उद्योग इससे प्रभावित हो रहे है। इनमे से दो उद्योग पूरी तरह से तोड़ना पड़ रहे है तो बाकी उद्योगों का कुछ हिस्सा तोड़ना पड़ रहा है।

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डी सेक्टर में यह उद्योग टूटेंगे –

एआईएमपी अध्यक्ष प्रमोद डाफरिया के अनुसार एमआर-4 सड़क निर्माण के लिए जिन उद्योगो को अपनी जमीन देना पड़ रही है उनमे यह 10उद्योग शामिल है।

मिस्त्री डाय एंड टूल
पैकसील
पावर बैटरी
नीलूशा पेरो ,
मानसी पब्लिकेशन ,
कृष इंडस्ट्री
शिव इंडस्ट्री
सोना इंडस्ट्री
पूजा रबर
भारत ट्रेडिंग कम्पनी
इनमे 10 उद्योगों में से मिस्त्री डाय एंड टूल और पैकसील यह दो उद्योग पूरी तरह से जमींदोज होंगे। बाकी उद्योगों के कुछ हिस्से प्रभावित होंगे

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2 बड़े उद्योगों की मिलेगी जमीन –

मध्यप्रदेश इंडस्ट्री एसोसिएशन के उपाध्यक्ष योगेश मेहता के अनुसार जो 2 बड़े उद्योग पूरी तरह से टूट रहे है।उन्हें जिला उद्योग व्यापार केंद्र से डी सेक्टर में खाली पड़ी जमीन देगा । इसके अलावा नए निर्माण के लिए आर्थिक मदद भी मुहैया कराएगा

50 से ज्यादा मकान भी टूटेंगे –

एआईएमपी के अमित धाकड़ के अनुसार एमआर -4 सड़क निर्माण में उद्योगो के अलावा रेलवे लाइन के पास 50 से ज्यादा अवैध मकान भी बने हुए है। जो 30 मीटर चौड़ी सड़क के हद में आ रहे है। नगरनिगम जल्दी इन मकानों को हटाने के लिए रिमूव्हल कार्रवाई करेगा।

शहर औऱ यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

पिछले सिंहस्थ से अधूरी पड़ी एमआर-4 सड़क बनने से शहर वासियों औऱ उज्जैन सहित बाहर दूसरे शहर व राज्यो सेआने जाने यात्रियों औऱ वाहनों को बड़ी राहत मिलेगी। अब इन्हें आने जाने के लिए शहर के अंदर घुसना नही पड़ेगा ।
इस सड़क के बनने से आईएसबीटी रेल्वेस्टेशन बस स्टैंड की कनेक्टिविटी आपस मे जुड़ जायगी।