योगी सरकार ने लिखी नई इबारत, पेश किया इतिहास का सबसे बड़ा बजट

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नई दिल्ली। यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा बजट मंगलवार को विधानसभा में पेश किया। योगी सरकार के कार्यकाल का यह चैथा बजट है जिसका आकार 5.12 लाख करोड़ रुपए हैं। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना लाल सूटकेस में बजट के दस्तावेज लेकर विधानसभा पहुंचे। वित्तमंत्री खन्ना ने अपने भाषण में कहा कि 2017-18 का बजट किसानों को समर्पित था, 2018-19 का बजट औद्योगिक विकास को समर्पित था और 2019-20 का बजट महिला सशक्तीकरण को समर्पित था।

हमारा चौथा बजट, यानी वित्त वर्ष 2020-21 का बजट युवाओं की शिक्षा, संवर्धन और रोजगार को समर्पित है। बजट में सहारनपुर, अलीगढ़, आजमगढ़ में 3 नए राज्य विश्वविद्यालय खोलने का ऐलान किया है। राज्य में पुलिस फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी।प्रयागराज मेला यूनिवर्सिटी, गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय खोलने का प्रस्ताव रखा गया। इस बार के बजट में 10 हजार 967 करोड़ 87 लाख की नई योजनाएं शामिल की गई हैं। बजट के माध्यम से प्रदेश सरकार एक्सप्रेस-वे निर्माण पर जोर दिया है।

इसमें बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए अलग अलग राशि आवंटित की गई है। बजट में अयोध्या में उच्च स्तरीय पर्यटक अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 85 करोड़ की व्यवस्था की गई है। कुल 5 लाख 12 हजार 860 करोड़ 72 लाख रुपए का बजट रखा। राजकोषीय घाटा 53 हजार 195 करोड़ 46 लाख रुपए अनुमानित है। अटल आवासीय विद्यालय के लिए 270 करोड़ रुपए तय किए गए हैं। राष्ट्रीय कृषि बाजार के लिए 1 हजार 483 करोड़ 80 लाख रुपए की व्यवस्था की गई है। राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल की स्थापना के लिए 50 करोड़ की व्यवस्था गई है।
मेडिकल

  • प्रधानमंत्री मातृ योजना के लिए 291 करोड़ रुपए।
  • केजीएमयू लखनऊ के लिए 919 करोड़ रुपए।
  • मेडिकल कॉलेज लखनऊ के लिए 919 करोड़ रुपए।
  • लखनऊ पीजीआई के लिए 820 करोड़ रुपए।
  • ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई के लिए 309 करोड़ रुपए।
  • डॉ राम मनोहर लोहिया संस्थान के लिए 477 करोड़ रुपए। – लखनऊ कैंसर संस्थान के लिए 187 करोड़ रुपए। केजीएमयू को 919 करोड़ रुपए।
  • ग्रामीण क्षेत्र के सी एच सी को सौ शैया चिकित्सालय में परिवर्तित करने के लिए 50 करोड़ रुपए।
    इंफ्रास्ट्रक्चर
  • आगरा मेट्रो को 286 करोड़, कानपुर मेट्रो को 358 करोड़ रुपए और गोरखपुर व अन्य शहरों की मेट्रो परियोजनाओं के लिए 200 करोड़ रुपए।
  • दिल्ली से मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के लिए 900 करोड़ रुपए।
  • गांवों में जल जीवन मिशन को 3000 करोड़ रुपए।
    पर्यटन संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य
  • अयोध्या में एयरपोर्ट के लिए 500 करोड़ रुपए। अयोध्या में उच्च स्तरीय पर्यटक अवस्थापना सुविधाओं के विकास के कलिए 85 करोड़ की व्यवस्था की गई।
  • तुलसी स्मारक भवन के लिए 10 करोड़ की व्यवस्था। वाराणसी में संस्कृति केंद्र की स्थापना के लिए 180 करोड़ की व्यवस्था।
  • पर्यटन इकाई के प्रोत्साहन के लिए 50 करोड़ की व्यवस्था की। गोरखपुर के रामगढ़ ताल में वाटर स्पोर्ट्स के लिए 25 करोड़ रुपए।
  • काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए 200 करोड़ की व्यवस्था।
  • इस बार के बजट में पुलिस विभाग के लिए 600 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
  • पुलिस को आधुनिक बनाने के लिए 122 करोड़ रुपए।
  • विधि विज्ञान के लिए 60 करोड़ रुपए।
  • पुलिस फॉरेंसिंक के लिये 20 करोड़ रुपए।
  • सेफ सिटी योजना के लिए 97 करोड़ रुपए।
    समाज कल्याण
  • निराश्रित महिलाओं, तलाकशुदा महिलाओं के लिए पेंशन। बजट में 1432 करोड़ रुपए दिए गए।
  • मुख्यमंत्री कन्या सुमंगल योजना के लिए चैथे बजट में 1 हजार 200 करोड़ दिया गया।
  • वृद्धावस्था-किसान पेंशन योजना के लिए 1 हजार 459 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए 1 हजार 251 करोड़ रुपए।
  • राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लिए 500 करोड़ रुपए।
  • मुख्यमंत्री सामूहिक योजना के लिए 250 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
  • पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रवर्ती योजना के लिए 1 हजार 375 करोड़ रुपए।
    अल्पसंख्यक कल्याण
  • प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के लिए 783 करोड़ रुपए।
  • मान्यता प्राप्त मदरसों व मकतबों के लिए 479 करोड़ रुपए।