क्या कमलनाथ के इन सवालों का जवाब महाकुम्भ में दे पाएंगे मोदी?

0
61

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कल भोपाल के जंबूरी मैदान पर आयोजित कार्यकर्ता महाकुंभ के लिये आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से प्रदेश की वास्तविकता को लेकर सवाल पूछते हुए कहा है कि शिवराजसिंह भले ही आपको स्वर्णिम मध्यप्रदेश से लेकर विकासशील मध्यप्रदेश के झूठे सपने दिखाते होंगे, लेकिन वास्तविक तस्वीर यह है कि आज प्रदेश का हर वर्ग परेशान है। हर व्यक्ति खुद को ठगा महसूस कर रहा है। शिवराजसिंह ने सभी वर्गों को झूठे सपने दिखाये जो आज तक पूरे नहीं हुये। कमलनाथ ने मोदीजी और शाह को प्रदेश की तस्वीर बयां करते हुए उनसे सवाल पूछ उनका जवाब मांगा है:-

ऽ प्रदेश में 15 वर्ष की भाजपा सरकार में 21 हजार किसानों ने आत्महत्या की है। एक तरफ तो आप खेती को लाभ का धंधा बनाने की बात कहते हैं, वहीं आपके किसान पुत्र मुख्यमंत्री खेती को घाटे का धंधा बताते हुए किसानों को खेती छोड़ने की बात करते हैं। मध्यप्रदेश किसानों की आत्महत्या के मामले में देश में तीसरे नंबर पर है। मध्यप्रदेश मंे किसानों के लिए संचालित सारी योजनाओं में जमकर भ्रष्टाचार होता है। इस पर आप जवाब दें?

ऽ प्रदेश के मंदसौर की पीपलियामंड़ी में 06 जून, 2017 को अपना हक मांग रहे किसानों के सीने पर गोलियां दागी गईं व बर्बरता की गई। जिससे छह किसानों की मौत हो गयी। दोषी आज तक खुलेआम घूम रहे हैं। पीड़ितों को अभी तक न्याय नहीं मिला है। गोली कांड की जांच के लिये बनाये गये जैन आयोग ने भी दोषियों को क्लीनचिट दे दी और सरकार ने भी तत्काल निलंबित अधिकारियों की बहाली कर दी। आखिर पीड़ित परिवारों को न्याय कब मिलेगा?

ऽ फरवरी, 2016 में मोदी जी आपके द्वारा प्रदेश के सीहोर जिले के शेरपुर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरूआत की गई थी, जिसमें नुकसानी पर क्लेम देने के बड़े-बड़े दावे किये गये थे। लेकिन नुकसानी पर जिस तरह से दो रूपये से लेकर सौ रूपये तक की क्लेम राशि के चेक सामने आये हैं, वह भी वहीं जहां से इस योजना की शुरूआत हुई। उससे इस योजना पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। जिस प्रकार से यह बात भी निरंतर सामने आ रही है कि बीमा कंपनियों को बीमा राशि अधिक मिली व भुगतान नाम मात्र का हुआ, जिससे इन कंपनियों को करोड़ोें का फायदा हुआ। इस पर स्पष्टीकरण दें?

ऽ पेट्रोल-डीजल की कीमतें देश में ही नहीं मध्यप्रदेश में भी आसमान छू रही हैं। प्रदेश में पेट्रोल पर 41.69 रूपये प्रतिलीटर केंद्र व राज्य सरकार का कर लग रहा है। वहीं डीजल पर 31.98 रूपये केंद्र व राज्य सरकार को कर के रूप में मिल रहे हैं। जनता इन करों में राहत देने की व इसे जीएसटी में लाने की मांग लंबे समय से कर रही है। आखिर जनता को इस मार से राहत कब मिलेगी। इस पर फैसला कब होगा?

ऽ प्रदेश को स्वर्णिम, विकासशील प्रदेश भाजपा सरकार कहती आयी है, लेकिन देश के 101 पिछड़े जिलांे की सूची में मध्यप्रदेश के 8 जिलों के नाम शामिल हैं। जिसमें खुद मुख्यमंत्री का जिला भी शामिल है। इन जिलों के लिये आपने केंद्रीय मंत्रियों को प्रभारी बनाया है। पन्द्रह वर्ष की भाजपा सरकार मंे खुद मुख्यमंत्री का क्षेत्र ही पिछड़े जिलों की सूची में शामिल है। ऐसे में प्रदेश की स्थिति का आंकलन किया जा सकता है।

ऽ आज प्रदेश देश मंे युवाओं की आत्महत्याओं के मामले में शीर्ष पर है। पिछले दो वर्ष में बेरोजगारी 53 प्रतिशत बड़ी है। पिछले तेरह वर्षों में बेरोजगार युवाओं की आत्महत्याओं में 20 गुना की वृद्धि हुई है। आज प्रदेश में डेढ करोड़ युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। यह भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार के झूठे सपने तो दिखाती है, लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं किया गया। पन्द्रह वर्ष की सरकार रोजगार के दावों पर नाकाम साबित हुई है। आखिर युवाओं को रोजगार कब मिलेगा?

ऽ मध्यप्रदेश अवैध उत्खनन में देश में शीर्ष पर है। यहां पर नर्मदा से लेकर सभी नदियों को खनन के नाम पर छलनी कर दिया गया है। प्रदेश में अवैध उत्खनन में 106 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 42 हजार 405 मामले अभी तक दर्ज हो चुके हैं। अवैध उत्खनन को सत्ता मंे शीर्ष पर बैठे नेताओं का खुला समर्थन प्राप्त है, जिसके कारण अवैध उत्खनन बेखौफ जारी है। इससे कई अधिकारियों की इसको रोकने के कारण जाने भी जा चुकी हैं। इस प्रदेश की जीवनदायिनी, पुण्य सलिला माँ नर्मदा के आंचल को भी छलनी कर दिया गया है। आखिर यह अवैध उत्खनन कब रूकेगा?

ऽ शिवराजसिंह स्वर्णिम मध्यप्रदेश का दावा करते हैं। वहीं दूसरी ओर असंगठित मजदूरों के पंजीयन में दो करोड़ 20 लाख लोगों के पंजीयन का आंकड़ा सामने आ चुका है, जबकि प्रदेश में कुल मतदाता चार करोड़ 93 लाख हैं। पन्द्रह वर्ष की भाजपा के विकास की पोल यह आंकड़ा स्वयं खोल रहा है। इस पर आपका क्या कहना है?

ऽ प्रदेश में नर्मदा तटों पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ने 02 जुलाई, 2017 को छह करोड़ 67 लाख पौधे लगाने का दावा किया था जो आज तक साबित नहीं हो पाया है। इस घोटाले को उजागर करने की धमकी पर पांच बाबाओं को मंत्री तक बना दिया गया। इस वर्ष भी पन्द्रह जुलाई से पन्द्रह अगस्त, 18 तक आठ करोड़ पौधे लगाने का दावा किया गया था, जबकि ढूढ़ने पर सैकड़ों पौधे मिलना भी मुश्किल है। इसमें इस पौधारोपण की आड़ में बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है। इसके दोषियों पर कब कार्यवाही होगी?

ऽ कुपोषण के मामले में प्रदेश देश में शीर्ष पर है। कुपोषण के कारण प्रतिदिन 92 बच्चे मौत के आगोश में समा जाते हैं। प्रदेश की 42 प्रतिशत आबादी कुपोषण की चपेट में है। प्रदेश से कुपोषण का दाग कब मिटेगा?

ऽ आज पूरे देश में सर्वाधिक असुरक्षित महिलायें मध्यप्रदेश मंे हैं। छोटी मासूम बच्चियों से लेकर कोई भी महिला प्रदेश के किसी भी हिस्से में सुरक्षित नहीं है। औसतन प्रतिदिन 15 बच्चियों से दुष्कर्म की घटनायें सामने आती हैं। यहां के मुख्यमंत्री खुद को मामा कहते हैं, लेकिन इन घटनाओं को रोकने में नाकामयाब साबित हो चुके हैं। आखिर बेटियों को सुरक्षित माहौल कब मिलेगा?

ऽ शिक्षा की दृष्टि से मध्यप्रदेश की स्थिति दयनीय व भयावह है। प्रदेश में 97 हजार से ज्यादा स्कूलों में आज तक बिजली नहीं पहुंची। 44 हजार स्कूलों में खेल के मैदान नहीं हैं। शिक्षकों के 71 हजार से अधिक पद खाली पड़े हैं। यहां शिक्षा की गुणवत्ता के सुधार को लेकर करोड़ांे रूपये खर्च के दावे किये जाते हैं। लेकिन स्थिति विपरीत है। प्रदेश मंे शिक्षा का स्तर आखिर कब सुधरेगा?

ऽ स्वास्थ्य की दृष्टि से मध्यप्रदेश की स्थिति भयावह है। प्रदेश में अस्पतालों में डाॅक्टर और दवाईयां नहीं हैं। इनके अभाव में मरीज दम तोड़ रहे हैं। खुले में महिलाओं की डिलेवरी हो रही है। स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर करोड़ों का भ्रष्टाचार हो रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में नीति आयोग की रैंकिंग में 21 राज्यों में मध्यप्रदेश का 17 वां स्थान है। प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बदहाली आखिर कब दूर होगी?

ऽ यहां के मुख्यमंत्री प्रदेश की सड़कों को अमेरिका से अच्छी बताते हैं। वास्तविकता इसके विपरीत है। परिवहन मंत्रालय की राज्यसभा में पेश रिपोर्ट के मुताबिक सड़कों के गढ्ढ़ों से होने वाली मौतों में मध्यप्रदेश देश में शीर्ष पर है। पिछले वर्ष भी 644 लोगों की मौतें खराब सड़कों के कारण हुई हैं। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह इस सच्चाई को कब स्वीकारेंगे?

ऽ प्रदेश के ऊपर लगभग दो लाख करोड़ रूपयों का कर्ज है, लेकिन शिवराजसिंह फिर भी करोड़ों रूपये खुद की ब्रांडिंग में खर्च कर रहे हैं। करोड़ों रूपये की कोरी घोषणाएं मुख्यमंत्री लगातार कर रहे हैं, जबकि प्रदेश का खजाना खाली है। तीर्थ दर्शन यात्रा के किराये के अस्सी करोड़ का भुगतान रेलवे को अभी तक नहीं किया गया है। इस कारण यात्रा रोक दी गयी है। भुगतान न होने से प्राईवेट बस वालों ने भी आज आपके आयोजन के लिये बसें देने से मना कर दिया है। लेकिन इन सब बातों से बेखबर मुख्यमंत्री करोड़ों की घोषणाएंे रोज कर रहे हैं। रोज चुनावी योजनाओं की घोषणा कर रहे हैं। आखिर खजाना खाली होने के बाद भी मुख्यमंत्री कोरी घोषणाऐं करना कब बंद करेंगे? जनता को गुमराह करना कब बंद करेंगे?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here