हाईकोर्ट के लाइव वीडियो दिखाने वाले यूट्यूब चैनलों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज क्यों हो गई?

ग्वालियर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है ग्वालियर के पुलिस थाने में सात यूट्यूब चैनलों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है यह सभी चैनल हाईकोर्ट की लाइव रिपोर्टिंग का बगैर अनुमति यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम प्रसारण कर रहे थे

अर्जुन राठौर

ग्वालियर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है ग्वालियर के पुलिस थाने में सात यूट्यूब चैनलों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है यह सभी चैनल हाईकोर्ट की लाइव रिपोर्टिंग का बगैर अनुमति यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम प्रसारण कर रहे थे और इन सभी के खिलाफ ग्वालियर के ही एक एडवोकेट ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी ।

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कुल मिलाकर पिछले कई दिनों से हाईकोर्ट के लाइव वीडियो दिखाने का सिलसिला यूट्यूब पर जारी था जिसमें हाई कोर्ट में होने वाली तमाम कार्रवाई को यूट्यूब पर दिखा कर बड़ी संख्या में दर्शक बटोरे जा रहे थे । आश्चर्य की बात यह है कि हाईकोर्ट की किसी भी कार्रवाई को दिखाने के पहले वहां के रजिस्ट्रार की अनुमति जरूरी होती है लेकिन यह सभी चैनल वाले हाईकोर्ट के सीधे प्रसारण का फायदा उठाकर उसे यूट्यूब पर प्रसारित कर रहे थे जो पूरी तरह से अवैध था इनमें कई निजी मामले की होते थे जिनके उल्टे सीधे हेडिंग देकर यूट्यूब पर लोकप्रियता बटोरी जा रही थी ।

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इधर इस पूरे मामले को लेकर एडवोकेट अमन शर्मा द्वारा जबलपुर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर करके कहा गया कि हाईकोर्ट के लाइव वीडियो का दुरुपयोग करके इनका प्रसारण यूट्यूब फेसबुक तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा है इस पूरे मामले को लेकर हाई कोर्ट द्वारा नोटिस भी जारी कर दिए गए हैं ।