Vinayak Chaturthi 2022: विनायक चतुर्थी इस बार 26 दिसंबर 2022 मतलब आज मनाई जा रही है. यह इस साल की अंतिम चतुर्थी है. हिन्दू मान्यता के मुताबिक, आज के दिन जो कोई भी जातक भगवान श्री गणेश जी की पूजा करता है उस मनुष्य की सभी मनोकामनाए पूर्ण होती है. सनातन धर्म में सर्वप्रथम भगवान श्री गणेश को ही पूजा जाता है.

हिन्दू धर्म में श्री गणेश को प्रथम पूजनीय माना जाता है. भगवान गणेश को विघ्नहर्ता सुखकर्ता के नाम से भी जाना जाता है. हिन्दू मान्यता के मुताबिक , हिंदू धर्म में कोई भी शुभ कार्य विनायक श्री गणेश के बिना पूरा नहीं होता है. यही वजह है कि भगवान श्री गणेश को खुश रखने के लिए सनातन धर्म में हर माह विनायक चतुर्थी का उपवास किया जाता है. इस बार विनायक चतुर्थी 26 दिसंबर 2022 मतलब आज मनाई जा रही है. यह इस साल की अंतिम चतुर्थी है. कहते हैं भगवान गणेश जी की पूजा करने से बड़े से बड़े संकट को पल भर में दूर किया जा सकता है. इसके अतिरिक्त यदि किसी व्यक्ति की संतान गलत राह पर चल रही हो तो उसे सही राह पर लाने के लिए भी भगवान श्री गणेश के कुछ अचूक उपाय और पूजा काफी शुभ फलदाई होती हैं.

विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) शुभ मुहूर्त

उदयातिथि के अनुसार, विनायक चतुर्थी आज 26 दिसंबर को मनाई जा रही है. प्रत्येक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी का उपवास रखा जाता है. विनायक चतुर्थी का प्रारंभ 26 दिसंबर यानी आज सुबह 04 बजकर 51 मिनट पर हो जाएगी और जिसकी समाप्ति 27 दिसंबर रात 01 बजकर 37 मिनट पर होगा. साथ ही इस विनायक चतुर्थी को सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है. सर्वार्थ सिद्धि योग की शुरुआत 26 दिसंबर यानी आज सुबह 07 बजकर 12 मिनट पर हो रही है और इस योग का समापन शाम 04 बजकर 42 मिनट पर होगा.

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विनयाक चतुर्थी पूजन विधि

विनायक चतुर्थी व्रत के दिन प्रातः काल जल्दी उठकर स्नान आदि कार्य से शुद्ध होकर सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित करें. इसके पश्च्चात भगवान श्री गणेश की पूजा शुरू करें. इस दिन की पूजा में जटा वाला नारियल और भोग में मोदक जरूर रखें. इसके अतिरिक्त पूजा में भगवान गणेश को गुलाब के फूल और दूर्वा अर्पित करें. धूप, दीप, नैवेद्य अर्पित करने के बाद ‘ऊं गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप ध्यान पूर्वक करें. भगवान गणेश की कथा पढ़ें, आरती करें, पूजा में उपस्थित सभी लोगों को प्रसाद जरूर बांटे।

विनायक चतुर्थी व्रत कुछ खास उपाय

1.चतुर्थी व्रत की पूजा में भगवान गणेश को दूर्वा की माला अर्पित करें. उन्हें घी और गुड़ का भोग लगाएं. धन प्राप्ति के लिए भगवान् से विनती करें. पूजा के पश्चात यह घी और गुड़ किसी गाय को खिला दें. ऐसा आपको पांच विनायक चतुर्थी के व्रत के दिन करना है.

2. जीवन से किसी भी प्रकार का कष्ट औरसमस्याओं को दूर करने के लिए भगवान श्री गणेश के सामने चौमुखी दीपक जलाएं. इसके अलावा जितनी आपकी आयु के बराबर संख्या में लड्डू भी इस दिन की पूजा में शामिल करें. पूजा करने के बाद एक लड्डू खुद खाएं और बाकी लोगों में बांट दें.जिसके अतिरिक्त भगवान सूर्यनारायण के सूर्यअष्टक का 3 बार पाठ करें.

3. अपने बच्चों को सही दिशा पर लाने के लिए इस दिन की पूजा में गणपति भगवान को पांच मोदक और पांच लाल गुलाब और दूर्वा अर्पित करें. शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं. इसके बाद पूजा अर्चना करें. पूजा के बाद एक मोदक प्रसाद के रूप में अपने बच्चे को खिला दें और बाकी मोदक अन्य दूसरें बच्चों या जरूरतमंदों के बीच बंटवा दें.