उदयपुर: 92 रेमडेसिविर इंजेक्शन इस अस्पताल से चोरी, गिरफ्त में 4 लोग

कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या से एक और जहां हॉस्पिटल में जगह नहीं बची है तो वहीं गंभीर मरीजों के लिए मुसीबत बन गई है। किसी को इंजेक्शन नहीं मिल रहे है तो किसी को ऑक्सीजन नहीं ऐसे में भी लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। दरअसल, इन दिनों रेमडेसिविर इंजेक्शन के चोरी होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। रोज रोज नए खुलासे हो रहे हैं। ऐसे में अभी हाल ही में और खुलासा हुआ है कि उमरडा इलाके में स्थित पेसिफिक हॉस्पिटल के दो नर्सिंग कर्मियों सहित चार लोगों को इंजेक्शन चोरी करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।

इन पर आरोप है कि ड्यूटी के दौरान आए इंजेक्शन इन्होंने चोरी कर लिए और 92 इंजेक्शन बाजार में दलालों को ऊंचे दामों पर बेच दिए। इसको लेकर उदयपुर एसपी राजीव पचार ने कहा है कि इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोप में पेसिफिक हॉस्पिटल के नर्सिंगकर्मी हरगोविंद और वसीम के साथ इंजेक्शन की दलाली कर रहे निजी हॉस्पिटल में कार्यरत रेडियोग्राफर चिराग और विकास को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों को इंजेक्शन नहीं लगा कर उनकी चोरी कर लेते थे।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार हुए दोनों नर्सिंग कर्मियों की ड्यूटी कोविड आईसीयू वार्ड में ही लगी थी। इसी के चलते यह मरीजों को इंजेक्शन लगाने के बजाय उसे चुरा कर दलालों को ऊंचे दामों में बेच देते थे। दोनों नर्सिंग कर्मी मरीज को इंजेक्शन नहीं लगाते, जबकि रिकॉर्ड में मरीज को इंजेक्शन लगा हुआ दिखा देते। इतना ही नहीं एक मरीज को 6 इंजेक्शन लगाने होते हैं, ऐसे में यह नर्सिंग कर्मी मरीज को महज तीन या चार डोज देते और बाकी बचे दो तीन डोज चोरी कर लेते थे। दोनों नर्सिंग कर्मी दलालों को इंजेक्शन बेचते थे और यह दलाल गीतांजलि सहित अन्य हॉस्पिटल के डॉक्टर और स्टाफ के जरिए कई गुना ऊंचे दाम पर मरीजों के मजबूर परिजनों को बेचकर कालाबाजारी करते थे।

जानकारी के अनुसार, इस मामले का खुलासा डीएसटी टीम और हिरणमगरी थाना पुलिस द्वारा 2 दिन पूर्व की गई कार्रवाई के बाद हुआ। इसमें गीतांजलि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर पकड़े गए थे, जो करीब 35000 रुपए में इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहे थे। दरअसल, गीतांजलि के डॉक्टर अबीर खान और एमबीबीएस स्टूडेंट मोहित पाटीदार की गिरफ्तारी के बाद ही इंजेक्शन की सप्लाई करने वाला रेडियोग्राफर चिराग पकड़ में आया और उससे पूछताछ में ही उमरडा स्थित पेसिफिक कॉलेज के नर्सिंग कर्मियों द्वारा इंजेक्शन चुराकर सप्लाई करने का खुलासा हुआ ,