इस दिन हैं बसंत पंचमी, ऐसे करें मां सरस्वती को प्रसन्न

मां सरस्वती ज्ञान-विज्ञान, कला, संगीत और शिल्प की देवी हैं। जीवन में नया उत्साह प्राप्त करने के लिए बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की उपासना की जाती है।

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sarswati maa

मां सरस्वती ज्ञान-विज्ञान, कला, संगीत और शिल्प की देवी हैं। जीवन में नया उत्साह प्राप्त करने के लिए बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की उपासना की जाती है। इस दिन मां की आराधना कर और कुछ उपाय कर उनकी कृपा पा सकते हैं। ज्योतिष्य अनुसार बसंत पंचमी के दिन ही मुनष्य जीवन में शब्दों का ज्ञान और शक्ति आई थी। धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक सृष्टि को आवाज देने के लिए ब्रह्मा जी ने कमंडल से जल लेकर चारों दिशाओं में छिड़का।

इस जल से हाथ में वीणा धारण कर मां सरस्वती प्रकट हुई, उनकी वीणा का तार छेड़ते ही तीनों लोकों में ऊर्जा का संचार हुआ और सबको शब्दों की वाणी मिल गई। बसंत ऋतु का स्वागत करने के लिए माघ महीने के पांचवे दिन भगवान विष्णु और कामदेव की पूजा की जाती है। इस वजह से इसे बसंत पंचमी कहते हैं। बसंत पंचमी को श्रीपंचमी और सरस्वती पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। इस बार बसंत पंचमी 29 जनवरी को है।

इस तरह करें मां सरस्वती को प्रसन्न

  • जिन लोगों को एकाग्रता की समस्या हो, उन्हें प्रातः सरस्वती वंदना का पाठ जरूर करना चाहिए।
  • मां सरस्वती के चित्र की स्थापना करें और चित्र की स्थापना पढ़ने के स्थान पर करना श्रेष्ठ होगा।
  • मां सरस्वती का बीज मंत्र (ऐं) को केसर गंगाजल से लिखकर दीवार पर लगा सकते हैं।
  • जिन लोगों को सुनने या बोलने की समस्या है वो लोग सोने या पीतल के चौकोर टुकड़े पर मां सरस्वती के बीज मंत्र “ऐं” को लिखकर धारण कर सकते हैं।
  • अगर संगीत या वाणी से लाभ लेना है तो केसर अभिमंत्रित करके जीभ पर “ऐं” लिखवाएं और किसी धार्मिक व्यक्ति या माता से लिखवाना अच्छा होगा।

इस तरह करें मां सरस्वती की उपासना

  • इस दिन पीले, बसंती या सफेद वस्त्र धारण करें. पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा की शुरुआत करें।
  • मां सरस्वती को पीला वस्त्र बिछाकर उस पर स्थापित करें और रोली मौली, केसर, हल्दी, चावल, पीले फूल, पीली मिठाई, मिश्री, दही, हलवा आदि प्रसाद के रूप में उनके पास रखें।
  • मां सरस्वती को श्वेत चंदन और पीले तथा सफ़ेद पुष्प दाएं हाथ से अर्पण करें।
  • केसर मिश्रित खीर अर्पित करना सर्वोत्तम होगा।
  • मां सरस्वती के मूल मंत्र ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः का जाप हल्दी की माला से करना सर्वोत्तम होगा।
  • काले, नीले कपड़ों का प्रयोग पूजन में भूलकर भी ना करें और शिक्षा की बाधा का योग है तो इस दिन विशेष पूजा करके उसको ठीक किया जा सकता है।