फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ में बताई गई है दुनिया को बुरी ताकत से बचाने की कहानी

ब्रह्मास्त्र सुपर पावर वाली फिल्म है। जिसमे दुनिया को बुरी ताकत से बचाने की कहानी है। अगर बात यही तक होती तो फिल्म यकीनन बहुत अच्छी बनती पर इसे टिपिकल बॉलीवुड मूवी बनाने के लिए इसमें लव स्टोरी भी डाली गई है।

विभा व्यास

ब्रह्मास्त्र सुपर पावर वाली फिल्म है। जिसमे दुनिया को बुरी ताकत से बचाने की कहानी है। अगर बात यही तक होती तो फिल्म यकीनन बहुत अच्छी बनती पर इसे टिपिकल बॉलीवुड मूवी बनाने के लिए इसमें लव स्टोरी भी डाली गई है।
स्क्रीन प्ले पर काम की गुंजाइश थी जिसमे अयान मुखर्जी नाकाम रहे और बस इसी से फिल्म का फोकस शिफ्ट हो गया है। देसी एवेंजर में बनाने की कोशिश में लव स्टोरी खाने में कंकड़ जैसी लगती है।

फिर ये भी है की ये लव स्टोरी कन्वेंसिंग भी नहीं है। रणबीर और आलिया की पहली मुलाकात वाला सीन बेवजह बहुत ही लंबा खींचा गया है। इतना की वो बोझिल लगने लगता है। infact शुरूआत का एक घंटा इसी तरह की बातो में वेस्ट हुआ है। फर्स्ट हाफ के बाद जब फिल्म अपनी मुख्य कहानी पर आती है तब थोड़ा इंटरेस्ट बढ़ता है। पर उसके बीच में रोमांटिक सीन इरिटेट करते है। ऐसा लगता है जैसे ये सीन जबरदस्ती ठूंसे गए है। जब आप किसी की जान बचाने की कोशिश में हो, उस वक्त बीच में अचानक रोमांस आ जाना अजीब लगता है। इसी चक्कर में फिल्म की लंबाई भी ज्यादा लगती है।

आलिया पहली ही मुलाकात के बाद रणबीर की मदद करने के लिए उसके साथ जाने को तैयार हो जाती है। उसे रणबीर की ताकत बताया गया है पर ऐसा क्यों है? इसका कोई जवाब नही है। अगर इस फिल्म से लव स्टोरी को हटा दिया जाता तो फिल्म बहुत अच्छी हो सकती थी। फिल्म में अमिताभ बच्चन भी है जिन्हे ब्रह्मांश का गुरु बताया गया है। पर वो भी उतनी छाप नहीं छोड़ते जितनी उस कैरेक्टर से उम्मीद होती है।

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गेस्ट अपीरियंस में शाहरुख खान और नागार्जुन भी है।शाहरुख वाला पार्ट तो फिर भी ठीक है पर नागार्जुन वाले पार्ट पर और काम किया जाना चाहिए था। डिंपल कपाड़िया को कॉम्प्लिटली वेस्ट कर दिया गया है। उन्हें क्यों फिल्म में लिया गया पता नही। मौनी रॉय फिर भी अपने रोल में ठीक है। फिल्म के ग्राफिक्स बहुत ही अच्छे है। कई सीन में आप ग्राफिक्स में खो से जाते है। लेकिन फिर वही दिक्कत सामने आ जाती है। फिल्म कभी भी रोमांच से रोमांस के मोड पर आ जाती है। गाने भी केसरिया को छोड़कर बाकी उतने अच्छे नहीं है।

वैसे अभिनय के लिहाज से मौनी को छोड़कर सारे कलाकार औसत ही नज़र आते है। कैमरे ने अपना काम खूबसूरती से किया है। बहुत सी सुंदर लोकेशन नज़र आती है। डायलॉग्स सुपर पावर फिल्म के हिसाब से कमजोर ही लगे।कुल मिलाकर अगर आप बहुत शानदार ग्राफिक्स देखना चाहते है या फिर आप रणबीर और आलिया के फैन है तो आपको ये फिल्म जरूर देखनी चाहिए ।

फिल्म to be continued के साथ एंड होती है। मतलब अगला पार्ट भी आने वाला है। इस फिल्म के कई सारे अधूरे सवालों के जवाब उस फिल्म में मिलेंगे। उम्मीद है की वो पहली वाली से बेहतर बने।