Ganesh Chaturthi 2019 : इस दिन हैं गणेश चतुर्थी, ये हैं शुभ मुहूर्त, इन चीज़ों से करें गणेशजी को खुश

10 दिन तक चलने वाला गणेश चतुर्थी का उत्सव इस साल 2 सितंबर से शुरू होगा।

0
401
ganesh_vrat_katha

10 दिन तक चलने वाला गणेश चतुर्थी का उत्सव इस साल 2 सितंबर से शुरू होगा। वैसे तो जन्माष्टमी के बाद सभी गणेश जी को अपने घर लाने के लिए उत्सुक रहते हैं। इस दिन का इंतजार गणपति जी के भक्तों को बेसब्री से रहता हैं। बता दे, विघ्नों के हरने वाले देवता प्रथम पूज्य पार्वतीपुत्र, शिवपुत्र, गजानन श्री गणेश की आराधना जो भक्त करता है, उसको आने वाले विघ्नों से मुक्ति मिल जाती है और वह विघ्नों से दूर हो जाता है।

वैसे तो हिंदू मान्यताओं के अनुसार इसे भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस मौके पर लोग अपने घरों में भगवान गणेश की स्थापित करते हैं और फिर कुछ दिन के अंतराल पर विसर्जन कर दिया जाता है। महाराष्ट्र में बहुत धूमधाम से मनाये जाने वाले इस त्योहार के दौरान भक्त अमूमन 7 से 11 दिन के लिए अपने घर में गणपति को विराजमान कराते हैं।

1 चौघड़िया अनुसार शुभ मुहूर्त –

  • अमृत चौघड़िया- प्रात: 6.10 से 7.44 तक।
  • शुभ चौघड़िया- सुबह 9.18 से 10.53 तक।
  • लाभ चौघड़िया- दोपहर 3.35 से 5.09 तक।
  • अमृत चौघड़िया- शाम 5.09 से 6.53 तक।
  • देर रात मुहूर्त- रात्रि 11.01 से 12.27 तक।

2 लग्नानुसार गणेश स्थापना मुहूर्त-

  • सिंह लग्न- प्रात: 5.03 से 07.12 तक।
  • कन्या लग्न- सुबह 7.12 से 9.16 तक।
  • धनु लग्न- दोपहर 1.47 से 3.53 तक।
  • कुंभ लग्न- शाम 5.40 से 7.09 तक।
  • मेष लग्न- रात्रि 8.43 से 10.24 तक।
  • विशेष- अभिजीत योग दोपहर 12.01 से 12.55 तक।

गणेश जी की प्रतिष्ठापना –
अगर आप गजानन को लेने जा रहे है तो नवीन वस्त्र धारण करें। इसके बाद हर्षोल्लास के साथ उनकी सवारी लाएं। घर में लाने के बाद चांदी की थाली में स्वास्तिक बनाकर उसमें गणपति को विराजमान करें। यदि चांदी की थाली संभव न हो पीतल या तांबे का प्रयोग करें। साथ ही घर में विराजमान करते समय मंगलगान करें, पूजन करें। साथ ही लड्डू का भोग भी लगाएं। इसके बाद रोज सुबह -शाम उनकी आरती करें और मोदक का भोग लगाएं और अंतिम दिन विसर्जन करें।

ऐसा हो पूजा स्थल –
आज आप इस समय अपने घर गणपति को विराजमान करें। कुमकुम से स्वास्तिक बनाएं। चार हल्दी की बंद लगाएं। एक मुट्ठी अक्षत रखें। इस पर छोटा बाजोट, चौकी या पटरा रखें। लाल, केसरिया या पीले वस्त्र को उस पर बिछाएं। रंगोली, फूल, आम के पत्ते और अन्य सामग्री से स्थान को सजाएं। तांबे का कलश पानी भर कर, आम के पत्ते और नारियल के साथ सजाएं। यह तैयारी गणेश उत्सव के पहले कर लें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here