टंट्या भील (भंवरकुआं) चौराहे का योजनाबद्ध रूप से होगा विकास

आयुक्त प्रतिभा पाल द्वारा टंट्या भील (भंवरकुआं) चौराहे(Tantya Bhil Bhanwarkuan chouraha) का निरीक्षण किया

Tantya Bhil Bhanwarkuan chouraha
Tantya Bhil Bhanwarkuan chouraha

इंदौर। आयुक्त प्रतिभा पाल द्वारा टंट्या भील (भंवरकुआं) चौराहे(Tantya Bhil Bhanwarkuan chouraha) का निरीक्षण किया गया! निरीक्षण के दौरान पूर्व आईडी अध्यक्ष श्री मधु वर्मा, जनप्रतिनिधि श्री प्रमोद टंडन, मंदिर समिति के सदस्य, अपर आयुक्त श्री देवेंद्र सिंह, श्री अभय राजनगांवकर, अधीक्षण यंत्री श्री महेश शर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे!

निरीक्षण के दौरान चौराहे के विकास एवं लेफ्टन के लेआउट के संबंध में संबंधित अधिकारियों से चर्चा की गई वह आवश्यक निर्देश दिए गए। पानी की टंकी पुलिस थाना एवं अन्य स्थल को शिफ्ट करने के संबंध में आगामी कार्रवाई के साथ विस्तृत योजना तैयार करने के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। आयुक्त सुश्री पाल ने बताया कि भंवरकुआं चौराहे से तेजाजी नगर चौराहे तक बनने वाले रोड निर्माण के पूर्व ही इस चौराहे का विकास कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है थाना निर्माण ,पानी की टंकी निर्माण के संबंध में टेंडर कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है! शीघ्र ही कार्य शुरू किया जा सकता है! मंदिर के संबंध में क्षेत्रीय प्रतिनिधि एवं मंदिर समिति के सदस्यों से चर्चा कर आगामी दिनों में जल्द से जल्द कार्य शुरू किया जावेगा ।

नगर निगम आयुक्त सुश्री प्रतिभा पाल ने कहा कि शीघ्र ही भूमि का कब्जा लेकर कार्य प्रारंभ कर दिये जायेंगे। टंट्या भील (भंवरकुआं) चौराहे का व्यवस्थित और योजनाबद्ध रूप से विकास किया जायेगा।

विदित हो कि विगत दिवस दिनांक 4 फरवरी, 2022 को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. रेणु जैन, कलेक्टर श्री मनीष सिंह, नगर निगम आयुक्त सुश्री प्रतिभा पाल की उपस्थिति में विगत दिवस विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित बैठक के दौरान शहर के व्यस्ततम टंट्या भील (भंवरकुआं) चौराहे के विकास के लिये देवी अहिल्या विश्व विद्यालय ने जमीन देने की स्वीकृति दी थी।

विश्व विद्यालय द्वारा चौराहे के लेप्ट टर्न के चौड़ीकरण के लिये मंदिर एवं थाना परिसर को विस्थापित करने हेतु 17 हजार एवं पानी की टंकी निर्माण के लिये 17 हजार वर्गफीट जमीन दी गई। जिला प्रशासन द्वारा भी निर्णय लिया गया है कि शिक्षा सुविधा के विस्तार के लिये विश्वविद्यालय को 36 एकड़ जमीन दी जायेगी।