न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह न मिलने के बाद रुतुराज गायकवाड़ ने मैदान पर ऐसा जवाब दिया, जिसे नजरअंदाज करना मुश्किल है। विजय हजारे ट्रॉफी के लीग चरण के आखिरी मुकाबले में गायकवाड़ ने महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए गोवा के खिलाफ दबाव भरे हालात में शानदार शतक जड़ा और टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
जयपुर में खेले गए इस मुकाबले में महाराष्ट्र की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम दो रन पर तीन विकेट गंवा चुकी थी। ऐसे मुश्किल समय में नंबर पांच पर उतरे गायकवाड़ ने पारी को संभाला और एक छोर थामे रखा। विकेट गिरते रहे, लेकिन उन्होंने धैर्य नहीं खोया और हालात के मुताबिक बल्लेबाजी करते हुए टीम को संकट से बाहर निकालने की कोशिश जारी रखी।
साझेदारी से बदली तस्वीर
गायकवाड़ की पारी का टर्निंग पॉइंट विक्की ओस्तवाल के साथ सातवें विकेट के लिए हुई 108 रन की साझेदारी रही। इस साझेदारी ने महाराष्ट्र को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। गायकवाड़ 131 गेंदों पर 134 रन बनाकर नाबाद लौटे, जिसमें आठ चौके और छह छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी के दम पर महाराष्ट्र ने 50 ओवर में सात विकेट पर 249 रन बनाए।
यह शतक गायकवाड़ के विजय हजारे ट्रॉफी में 15वें शतक के रूप में दर्ज हुआ, जिससे उन्होंने अंकित बावने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इसके साथ ही यह उनका लिस्ट-ए क्रिकेट में 20वां शतक रहा, जिसे उन्होंने महज 95 पारियों में हासिल किया। इस पारी के दौरान उन्होंने 5,000 लिस्ट-ए रन भी सबसे तेज पूरे किए और 58.83 के औसत के साथ न्यूनतम 50 पारियां खेलने वाले बल्लेबाजों में सर्वश्रेष्ठ औसत हासिल करने वालों की सूची में पहले पायदान पर आ गए।








