कोलकाता। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी का 88 साल की उम्र में सोमवार को निधन हो गया है। उत्तरप्रदेश विधानसभा के पूर्व स्पीकर केशरी नाथ त्रिपाठी लंबे समय से बीमार चल रहे थे, जिसके चलते उन्होंने 8 जनवरी सुबह करीब 5 बजे अंतिम सांस ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर केशरी नाथ त्रिपाठी के निधन पर श्रद्धासुमन अर्पित किया है।

केशरी नाथ त्रिपाठी भारतीय जनता पार्टी के कद्दवार नेता थे। उत्तरप्रदेश की राजनीति में उनकी अपनी एक अलग पहचान थी। कुछ दिन पहले ही उन्हें सांस में दिक्कत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य में सुधार होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। स्वजन उन्हें घर ले गए थे। उनका घर पर चल ही इलाज चल रहा था। वह तीन बार विधानसभा अध्य्क्ष भी रहे।

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केशरी नाथ त्रिपाठी इलाहाबाद हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट और संविधान विशेषज्ञ थे। जानकारी के मुताबिक आज शाम 4:00 बजे प्रयागराज के रसूलाबाद घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। 10 नवंबर 1934 को केशरी नाथ त्रिपाठी जन्म हुआ था। वह अपने पिता की सात संतानों में चार बेटियों और तीन बेटों में सबसे छोटे थे।

पेशे से वकील रहे केशरी नाथ त्रिपाठी (Keshari Nath Tripathi) की बीजेपी के कद्दवार नेताओं में गिनती होती थी। साथ ही यूपी बीजेपी अध्यक्ष के रूप में भी पार्टी को आगे बढ़ाने का काम किया। केशरी नाथ त्रिपाठी ने जुलाई 2014 से जुलाई 2019 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। केशरीनाथ त्रिपाठी के निधन पर राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं ने शोक प्रकट करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

केशरी नाथ त्रिपाठी साल 1977-79 के दौरान जनता पार्टी सरकार में केसरीनाथ कैबिनेट मंत्री (Cabinet Minister) नियुक्त किए गए थे। उन्होंने 2004 में जौनपुर सीट से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा- केशरी नाथ त्रिपाठी को उनकी सेवा और बुद्धि के लिए सम्मान दिया जाता था। वे संवैधानिक मामलों के अच्छे जानकार थे। उन्होंने यूपी में भाजपा के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राज्य की प्रगति के लिए कड़ी मेहनत की। उनके निधन से आहत हूं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं।। शांति।।