धन प्राप्ति के लिए लक्ष्मी जयंती पर करें ये काम, खुल जाएगा बंद किस्मत का ताला, साल भर होगी धन की बरसात

लक्ष्मी जयंती, इस वर्ष 14 मार्च को मनाई जाएगी, जो होली के दिन भी है। इसे मां लक्ष्मी के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है, जब वे समुद्र मंथन से प्रकट हुई थीं। इस दिन विशेष पूजा विधि के अनुसार श्री सूक्त, लक्ष्मी अष्टक स्तोत्र और कनकधारा स्त्रोत का पाठ किया जाता है, साथ ही सोने, चांदी और आभूषणों की खरीदारी, दान और कुबेर पूजा भी की जाती है।

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Lakshmi Jayanti : हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन, समृद्धि और वैभव की देवी माना जाता है। उनकी पूजा-अर्चना से घर में सुख-समृद्धि आती है और जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होती। माना जाता है कि मां लक्ष्मी की कृपा से व्यक्ति दरिद्रता और संकट से बचता है। इस दिन विशेष रूप से आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलती है और जीवन में खुशहाली आती है। अब, हम जानेंगे कि इस वर्ष लक्ष्मी जयंती कब मनाई जाएगी, इसके साथ ही पूजा विधि और इसके साथ जुड़े महत्वपूर्ण उपायों के बारे में।

लक्ष्मी जयंती, मां लक्ष्मी के प्रकट दिवस के रूप में मनाई जाती है। भारतीय पंचांग के अनुसार, फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि 13 मार्च को सुबह 10:35 बजे शुरू हो रही है और इसका समापन 14 मार्च को दोपहर 12:23 बजे होगा। इसलिए, उदया तिथि के अनुसार, इस वर्ष लक्ष्मी जयंती 14 मार्च को मनाई जाएगी, जो कि होली के दिन भी है।

कैसे हुई थी मां लक्ष्मी की उत्पति?

लक्ष्मी जयंती को विशेष रूप से मां लक्ष्मी के जन्म के दिन के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान मां लक्ष्मी अमृत कलश और अन्य 14 रत्नों के साथ प्रकट हुई थीं। तभी से उनकी पूजा-अर्चना की परंपरा शुरू हुई। विष्णु पुराण के अनुसार, लक्ष्मी जी ने हर युग में भगवान विष्णु के अवतार के साथ जन्म लिया। त्रेता युग में वह सीता के रूप में और द्वापर युग में रुक्मणी के रूप में प्रकट हुईं।

लक्ष्मी जयंती पर पूजा विधि (Lakshmi Jayanti Puja Vidhi)

लक्ष्मी जयंती के दिन लोग विशेष पूजा करते हैं। यह पूजा सुबह उठकर स्नान करने के बाद की जाती है। इसके बाद, मां लक्ष्मी की प्रतिमा या मूर्ति स्थापित कर विधिपूर्वक पूजा की जाती है। पूजा में श्री सूक्त, लक्ष्मी अष्टक स्तोत्र और कनकधारा स्त्रोत का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है। पूजा के बाद, लोग आरती गाते हैं और घर को साफ करके शाम को भी पूजा का आयोजन करते हैं।

Lakshmi Jayanti पर क्या करें और क्या न करें?

लक्ष्मी जयंती के दिन कुछ खास कार्यों को करने की परंपरा है, जिनसे मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है:

  • सोना, चांदी और आभूषण खरीदना: इस दिन सोने, चांदी और अन्य आभूषणों का खरीदना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
  • दान करना: इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को दान करना पुण्यकारी होता है।
  • कुबेर पूजा: धन के देवता कुबेर की पूजा भी इस दिन की जाती है।
  • भजन कीर्तन: कुछ लोग रात में जागरण करके लक्ष्मी जी के भजन गाते हैं।

Lakshmi Jayanti के विशेष उपाय

मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:

  • तुलसी की पूजा: घर में तुलसी की पूजा करना शुभ होता है।
  • घी का दीपक जलाना: लक्ष्मी जी की पूजा में घी के दीपक का जलाना बहुत लाभकारी होता है।
  • लाल रंग के वस्त्र पहनना: इस दिन लाल रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
  • मंत्र जाप: लक्ष्मी मंत्र, कुबेर अष्ट लक्ष्मी मंत्र और लक्ष्मी गायत्री मंत्र का जाप करना भी इस दिन विशेष लाभकारी होता है।

इस दिन के माध्यम से लोग अपने जीवन में मां लक्ष्मी की कृपा को आकर्षित करते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति की कामना करते हैं।

Disclaimer: यहां दी गई सारी जानकारी केवल के सामान्य सूचना है। इसे अमल में लाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। किसी भी सूचना के सत्य और सटीक होने का दावा Ghamasan.com नहीं करता।