कश्मीर पर पाक के प्रयास विफल, विश्व देख चुका उसका दोहरा मापदंडः विदेश मंत्रालय

0

नई दिल्ली। भारत ने जम्मू-कश्मीर मसले को लेकर एक बार फिर सपष्ट कर दिया है कि इस मुद्दे पर किसी की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की जाएगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरूवार को पत्रकार वार्ता में इस बात की यह जानकारी दी। एक सवाल के जवाब में रवीश कुमार ने कहा कि कश्मीर पर तनावपूर्ण स्थिति बनाने के पाकिस्तान के प्रयास विफल हो गए हैं और विश्व उसका दोहरा मापदंड समझ चुका है।

बता दे कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमारान खाने ने दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास इस मसले को उठाया था। जहां ट्रंप ने उन्हे पीएम मोदी से बात करने का भरोसा जताया था, जिससे पाक काफी उत्साह में भी था। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इमरान उनके करीबी दोस्त हैं, ऐसे में उनके लिए वह कश्मीर मसले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जरूर बात करेंगे।

ट्रंप के इस बयान पर प्रवक्ता ने कहा कि ‘कश्मीर मुद्दे पर तीसरे पक्ष को लेकर हमारा पक्ष स्पष्ट है और उसमें कोई बदलाव नहीं होने वाला है। मैं एक बार फिर से दोहराना चाहता हूं कि इस मामले में तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है।‘ प्रवक्ता का कहना है कि यदि कोई भारत-पाकिस्तान के बीेच कोई द्विपक्षीय मुद्दा है तो इसका हल शिमला समझौते और लाहौर घोषणा के तहत दोनों देशों के बीच ही होना चाहिए। लेकिन यह पाकिस्तान पर निर्भर करता है कि वह बातचीत के लिए सही माहौल तैयार करे और इसके लिए उसे आतंकवाद और हिंसा का रास्ता छोड़ना होगा।

रवीश कुमार ने आतंकवाद के लिए पाकिस्तान की फंडिंग पर चिंता जताते हुए कहा कि एफएटीएफ ने उस पर शिकंजा कसा है। पेरिस में 16 फरवरी से बैठक होना है, भरत को लगता है कि तय मापदंडों के तहतयह देखा जाएगा कि पाक ने आतंकवाद पर लगाम कसने के लिए क्या किया है। उन्होने कहा कि पाकिस्तान द्वारा जिस तरह से आतंकवाद को आर्थिक मदद दी जा रही है वह चिंता का विषय है।