इंदौर। अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र नागरिकों के लिए मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम द्वारा टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत 10 हजार से एक लाख तक परियोजनाएं स्वीकृत किए जाने का प्रावधान है। इंदौर जिले में इस वर्ष इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति के 142 युवाओं को लाभांवित किया जायेगा।

आदिवासी वित्त एवं विकास निगम के प्रभारी अधिकारी अजय सक्सेना ने बताया कि जनजाति के ऐसे सदस्य जो आयकर दाता न हो, योजना अन्तर्गत हितग्राहियों को बैंक द्वारा वितरित शेष ऋण पर 7 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज अनुदान तथा बैंक ऋण गारंटी शुल्क प्रचलित दर पर अधिकतम 5 वर्षो तक (मोरेटोरियम अवधि सहित) निगम द्वारा वहन किए जाने का प्रावधान है। योजना में इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण भी प्रदान किए जाने का प्रावधान है।

योजना का क्रियान्वयन शासन द्वारा निर्धारित “समस्त पोर्टल” के माध्यम से किया जाना प्रावधानित है, तथा पोर्टल पर उक्त योजना मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से समन्वित होगी। जिला स्तर पर योजना का क्रियान्वयन सहायक आयुक्त, जिला संयोजक, शाखा प्रबंधक मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम एवं महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के माध्यम से किया जाएगा।

आवश्यक दस्तावेज एवं योग्यता

टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के लिए आवेदन करने वाला व्यक्ति कक्षा 8वीं उत्तीर्ण एवं उम्र 18 से 55 वर्ष, मध्यप्रदेश का मूल निवासी प्रमाण पत्र, आवेदक अनुसूचित जनजाति का सदस्य, जाति प्रमाण पत्र एसडीएम द्वारा जारी स्थाई हो, आवेदनकर्ता किसी बैंक अथवा किसी वित्तीय संस्था का डिफाल्टर न हो और केन्द्र सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का हितग्राही न हो। एक ही बार इस योजना का लाभ ले सकते है। योजना उद्योग एवं व्यवसाय के लिए होगी। आवेदनकर्ता अपना आवेदन वेबसाइट समस्त पोर्टल एम.पी. ऑनलाईन में आवेदन करने के पश्चात् आवेदन की एक प्रति समस्त दस्तावेज के साथ कार्यालय में जमा करें।