किंगमेकर पवार के पंच से शिवसेना-कांग्रेस ढेर, मंत्रालय बंटबारे में मारी बाजी

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Sharad Pawar Prafull Patel

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा का गठबंधन टूटने के बाद एनसीपी किंगमेकर बनकर उभरी थी। एनसीपी प्रमुख शरद पवार के आगे भाजपा के रणनीतिकारों की एक भी नहीं चली। इसी के चलते शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बना ली। हालांकि तीनों पार्टियों ने सरकार गठन और मंत्रिमंडल के बंटबारे में काफी समय लगा दिया। इसके बाद भी किंगमेकर एनसीपी संतुष्ट नजर नहीं आई। एनसीपी प्रमुख का कहना था कि उसे नहीं मिला। शिवसेना के पास मुख्यमंत्री है, जबकि कांग्रेस के पास स्पीकर है, लेकिन मेरी पार्टी को क्या मिला।

डिप्टी सीएम के पास कोई अधिकार नहीं होता। इसके बाद तीनों पार्टियों में फिर से हलचल शुरू हो गई और मंत्रालय बंटवारे को लेकर नया फाॅर्मूला सामने आया, जिसके अनुसार महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में एनसीपी को 16, शिवसेना को 15 और कांग्रेस को 12 मंत्रालय मिले हैं, अगर विधानसभा सीटों के हिसाब से देखें तो कांग्रेस के पास 44, एनसीपी के पास 54 और शिवसेना के पास 56 विधायक हैं। इससे पहले सत्ता के बंटवारे के अनुसार, शिवसेना को मुख्यमंत्री पद, कांग्रेस को स्पीकर और एनसीपी को डिप्टी सीएम का पद मिला था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रालय को लेकर दबाव बनाकर शरद पवार ने फैसला लेने की गेंद को शिवसेना-कांग्रेस के पाले में डाल दिया था, लेकिन शरद पवार किसे घेरना चाह रहे हैं, ये कुछ साफ नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि मंत्रालय को लेकर शिवसेना के साथ उनकी कोई दिक्कत नहीं है, जो भी है कांग्रेस-एनसीपी के बीच की बात है, क्योंकि कांग्रेस के पास शिवसेना-एनसीपी से काफी कम सीटें हैं, फिर भी कांग्रेस की ओर से सत्ता में बराबर भागीदारी की बात कही जा रही थी।

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