भड़काऊ भाषण की वजह से हुई कमलेश की हत्या, 24 घंटे में सुलझा केस

0
114
kamlesh

नई दिल्ली। यूपी पुलिस ने कमलेश तिवारी हत्याकांड का 24 घंटे के अंदर पर्दाफाश कर दिया है। कमलेश की हत्या होने के बाद यूपी की सियासत गर्मा गई थी। विपक्षी पार्टियां कानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार हमला कर रहे थे। वहीं, पीड़ित परिवार ने इस हत्याकांड के लिए सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। शनिवार को यूपी डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि उनकी टीम ने 24 घंटे के अंदर कमलेश तिवारी हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। डीजीपी का कहना है कि हमें इस बात का शक था कि इस घटना के तार गुजरात से जुड़े हैं. इसलिए कार्रवाई करते हुए सूरत से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि इन की तीनों के अलावा कुछ और लोगों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है।

डीजीपी का कहना है कि हमें इस बात का शक था कि इस घटना के तार गुजरात से जुड़े हैं. इसलिए कार्रवाई करते हुए सूरत से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि इन की तीनों के अलावा कुछ और लोगों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि बिजनौर से दो मौलानाओं को हिरासत में लिया है। देर रात दोनों को हिरासत में लिया गया। डीजीपी ने बताया कि हत्याकांड के षड़यंत्र में शामिल मौलाना अनवारुल हक और मौलाना नईम कासनी शामिल हो सकते हैं। सूरत के मौलाना मोसिन सलीम शेख, फैजान जिलानी और रशीद को गिरफ्तार किया हैं रशीद को कंप्यूटर का ज्ञान है और दर्जी का काम करता है। वहीं, फैजान मिठाई खरीदने वालों में शामिल है। रशीद ने शुरुआती प्लान बनाया था और उसी को मौलाना सलीम शेख ने उकसाने का काम किया। डीजीपी ने बताया कि 2015 में कमलेश ने कुछ आपत्तिजनक बयान दिया था, जिसके बाद मौलाना ने रशीद को उकसाया और उसके बाद ही इन्होंने ये साजिश रची।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here