अंतर्राष्ट्रीय महिला साहित्य समागम: हिंदी वास्तव में अंतर्राष्ट्रीय भाषा बन गई है : अंजली चिंतामणि

विश्व में हिंदी की वैश्विक स्थिति और उसके विकास पर चर्चा करते हुए डॉ अंजलि ने कहा कि भारत से जो भी लोग मारीशस सहित विदेशों में गए उन्होंने वहां पर हिंदी के विकास के साथ-साथ भारतीय संस्कारों को भी वहां पर फैलाया है

प्रसिद्ध न्यूज़ पोर्टल घमासान डॉट कॉम द्वारा आयोजित महिला साहित्य समागम में डॉक्टर अंजली चिंतामणि ने कहा

विश्व में हिंदी की वैश्विक स्थिति और उसके विकास पर चर्चा करते हुए डॉ अंजलि ने कहा कि भारत से जो भी लोग मारीशस सहित विदेशों में गए उन्होंने वहां पर हिंदी के विकास के साथ-साथ भारतीय संस्कारों को भी वहां पर फैलाया है उन्होंने मारीशस में हिंदी संस्थान के माध्यम से हिंदी के विकास का कार्य चल रहा है हिंदी के विकास के लिए अभी तक 11विश्व हिंदी सम्मेलन हो चुके हैं मॉरीशस में विश्व हिंदी सचिवालय कार्य कर रहा है लेकिन इसके बावजूद हमें एक सेतु की आवश्यकता है ताकि सामूहिक रूप से कार्य किए जा सकें उन्होंने कहा कि विश्व के 180 विश्वविद्यालयों में हिंदी की पढ़ाई कराई जा रही है ।