इंदौर की सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी में पढ़ाया जा रहा है ‘रोजगार’

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इंदौर : देश की पहली स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी का तमगा हासिल करने वाली इंदौर की सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज ने देश की नब्ज पकड़ी है। यूनिवर्सिटी ने इस तरह के कोर्स तैयार किए हैं, जो युवाओं को सीधा नौकरी से जोड़ रहे हैं। किताबी पढ़ाई करके बड़ी-बड़ी डिग्रियां हासिल करने वालों की तादाद लाखों में है। बेरोजगारी की बड़ी वजह भी यही है कि युवाओं के पास किताबी जानकारी और परीक्षा में मिले नम्बरों के अलावा कोई व्यावहारिक ज्ञान या पढ़ाई करते करते रोजगार का कोई अनुभव नहीं है।

इसी सर्व व्याप्त समस्या का हल निकालने के लिए सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज मैनेजमेंट, बैंकिंग, इंश्योरेंस, कंप्यूटर साइंस, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अलग तरीके के कोर्स करवा रही है। यूनिवर्सिटी में रोजगार पाठ्यक्रम के साथ साथ हर वर्ष छात्रों को इंटर्नशिप कराने का प्रावधान भी किया गया जिससे उन्हें उद्योगों के कार्य प्रणाली का पर्याप्त अनुभव हो सके। इंटर्नशिप के इस अनोखे पहल का औद्योगिक जगत में खूब प्रशंसा मिली है। यूनिवर्सिटी के छात्रों को हाथ से काम करने का कौशल सिखाने तथा व्यवहारिक ज्ञान पर बल दे रहा है। इसके लिए यूनिवर्सिटी ने 20 करोड़ की खास मशीनरी आयातित की है।

यूनिवर्सिटी की प्रो चांसलर डॉ. स्वाती मुजूमदार कहती हैं- “हमने कोशिश की है कि छात्रों को सीधे नौकरी से जोड़ दिया जाए। इसके लिए खास प्रशिक्षण की जरूरत है। संस्थान में ही मॉक बैंक, फाइनेंशियल प्लाजा, एक्सीलेंस सेंटर बनाए गए हैं। छात्रों का 70 फीसदी समय प्रैक्टिस के जरिए सिखाने में बीतता है। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि हरेक छात्र को इंटर्नशिप करने का मौका मिले। देश और दुनिया की नामी यूनिवर्सिटीज से जो अनुबंध हमने किये हैं, वे सुनिश्चित करेंगे कि छात्रों को दुनियावी दृष्टिकोण मिले।

वर्तमान में हमारे 322 छात्र बैंकिंग एवं फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्रीज में, 144 छात्र रिटेल मैनेजमेंट में और 354 छात्र इंजीनियरिंग में इंटर्नशिप कर रहे हैं। अर्न्स्ट एंड यौंग कंसल्टिंग, बैंक ऑफ इंडिया, एलआईसी, एडलवाइज, कोटक महिंद्रा बैंक, शोपर्स स्टॉप, प्रग्मसिस, मेक्डोनाल्ड’स, एक्सिस बैंक, टाटा मोटर्स, भेल, ग्रासिम, फोर्ड मोटर्स, वॉल्वो कुछ ऐसे बड़े नाम हैं, जहां हमारे छात्र इंटर्नशिप कर रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ छात्रों को लम्बे समय की इंटर्नशिप भी करने को मिल रही है और इसके लिए उन्हें 20,000 रुपये प्रतिमाह तक का स्टायपंड भी मिल रहा है।

सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज इंदौर की पहली बैच का प्लेसमेंट इस वर्ष आईसीआईसीआई बैंक, स्वतंत्र माइक्रो फाइनेंस, एचडीएफसी, ई दृसेफ बैंक, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस, फेडरल बैंक, सूर्योदय बैंक जैसे उच्चस्तरीय संस्थाओं में हुआ है प् रिलायंस कैपिटल, एचडीएफसी बैंक, फ्यूचर ग्रुप और महिंद्रा एंड महिंद्रा यूनिवर्सिटी के नॉलेज पार्टनर्स हैं। 25 एकड़ के हरे भरे इलाके में स्टेट ऑफ द आर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया गया है। इसमें 1000 से ज्यादा लड़के – लड़कियों के लिए रहने का इंतजाम, ट्रेनिंग लैब्स और वर्कशॉप सहित कई चीजें शामिल है। सोशल मीडिया और टीवी -अखबारों की मदद से सिंबोसिस यूनिवर्सिटी की यह पहल प्रदेश भर के छात्रों तक पहुंच रही है।

डॉ. मुजुमदार ने आगे कहा कि देश के विकास और आने वाले समय की जरूरत को देखते हुए हम छात्रों को ऐसे तैयार कर रहे हैं कि उनके पास डिग्री के साथ साथ कौशल भी हो। अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाली देश की बड़ी कंपनियों के साथ यूनिवर्सिटी ने एम ओ यू किया है।

छात्रों, शिक्षकों और इन्फ्रास्ट्रक्चर के इस कॉम्बिनेशन का एक बड़ा सकारात्मक रुझान भी देखने को मिलेगा जिस से इस क्षेत्र में पढ़ाई के तौर तरीके बदलेंगे। सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी की इस महती पहल के बाद उम्मीद की जा सकती है कि प्रदेश और देश भर की यूनिवर्सिटी ऐसे ही कोर्स अमल में लाएगी जिनकी मदद से युवा न सिर्फ कागजों पर ताकतवर दिखें, बल्कि असल में भी हुनरमंद हों।

सिम्बायोसिस विश्वविद्यालय इंदौर की ये अनूठी पहल भारत सरकार द्वारा चलाई गयी मुहिम ‘कुशल भारत तथा कौशल भारत’ के नक्शेकदम पर चल रही है जो भारतीय युवकों को रोजगार दिलाने में नील का पत्थर साबित होगी।

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