विपिन नीमा

इंदौर। मेट्रो प्रोजेक्ट का पहला चरण सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर को पूरा करने के लिए निर्माण कार्यो में तेजी आ गई है। ताजा जानकारी के मुताबिक जुलाई – अगस्त से मेट्रो ट्रेनों आने का सिलसिला प्रारम्भ हो जाएगा। ट्रायल रन के लिए पहले दो ट्रेनें जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में इंदौर पहुंच जाएगी। डिपो पर ट्रेनों के अनलोड के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म बनना भी शुरू हो गया है।

तीन कोच की एक मेट्रो होगी, जिसमें एक साथ 250 से 300 यात्री सफर कर सकेंगे। गांघी नगर में मेट्रो स्टेशन का निर्माण चल रहा है। टैफिक की परेशानी को दूर करने के लिए मेट्रो कम्पनी ने समीप ही 200 मीटर की लंबी अस्थाई सड़क का निर्माण किया जा रहा है ताकि मेट्रो स्टेशन का निर्माण जल्द हो सके। टैफिक के लिए 200 मीटर का परिवर्तित मार्ग का काम भी शुरू हो गया है।

एक KM का ट्रेक बनते ही मेट्रो रेल की पटरी बिछना शुरु हो जाएंगी

अगले साल यानी 2023 के सितंबर महीने में 6 किलोमीटर लंबे सुपर-प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो रेल चलना शुरू हो जाएगी. ये इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का पहला फेज है। समय अवधि में इस फेज को पूरा करने के लिए निर्माण कार्यों में तेजी आई है। इस वक्त सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर को तैयार करने के लिए अलग अलग ठेकेदार एंजेसियां काम कर रही है इसमें मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिक्लस, सिग्नलस समेत अन्य कम्पनियां शामिल है। एमपी मेट्रो कम्पनी ने कोलकाता की कम्पनी को पटरी बिछाने का ठेका दिया है। सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर का एक किलोमीटर का ट्रेक तैयार होते ही कम्पनी मेट्रो की पटरी बिछाने का काम शुरु कर देंगी।

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75 से 80 यात्रियों की क्षमता वाला होगा मेट्रो रेल के एक कोच

जानकारी के मुताबिक इंदौर – भोपाल में मेट्रो रेल की शुरुआत तीन कोच से होगी। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर कोचों की संख्या बढाई जाएंगी। जो कोच तैयार किए जा रहे है वो 75 से 80 यात्रियों की क्षमता वाले रहेंगे। हर मेट्रो में तीन कोच रहेंगे। इस हिसाब से एक बार में ढाई सौ यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे। ट्रायल रन के लिए जुलाई में दो ट्रेन आएंगी । इसके बाद मेट्रो रेलों का आने का सिलसिला शुरु हो जाएंगा। इंदौर में कुल 26 मेट्रो चलेगी। फ्रांस की आल स्ट्राम कम्पनी को इंदौर – भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के लिए मेट्रो ट्रेनों और विभिन्न प्रणालियों की आपूर्ति के लिए 3,248 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया है।

गांधी नगर स्टेशन के पास 200 मी अस्थाई सड़क का निर्माण शुरू

अगले साल के शुरूआत में ही शहर में प्रस्तावित दो बड़े इवेंट – इन्वेस्टर्स समिट तथा प्रवासी भारतीय सम्मलेन के दौरान मेट्रो निमार्णाधीन मार्गों पर व्यवस्थित यातायात एवं प्रबंधित डायवर्सन का कार्य किया जा रहा है। सुपर कॉरिडोर पर प्रस्तावित गाँधी नगर स्टेशन के समीप लगभग 200 मीटर के लम्बे मार्ग पर यातायात अस्थाई रूप से बंद किया जाने कार्यवाही को मूर्त रूप दिए जाने का काम शुरू हो चुका है। इस स्थान पर डायवर्सन की व्यवस्था की जा रही है ताकि यातायात बाधित न हो और मेट्रो निर्माण कार्य सुचारु रूप से चल सके।

डिपो पर मेट्रो रेल के अनलोड के लिए तैयार हो रहा प्लेटफॉर्म

सुपर कॉरिडोर पर गांधीनगर के पास लगभग 32 हेक्टेयर जमीन पर 400 करोड़ रुपयों की लागत से मेट्रो रेल डिपो तैयार किया जा रहा है। डिपो की जिम्मेदारी लखनऊ की कम्पनी को सौंपी है। डिपो पर मेट्रो ट्रेन को अनलोड करने के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है। डिपो वह जगह है, जहां से न केवल मेट्रो का रखरखाव होगा बल्कि कंट्रोलिंग सिस्टम भी यहीं होगा। सिग्नलिंग, कम्युनिकेशन, पॉवर सप्लाई सब कुछ यहीं से होगा। इसके लिए अलग-अलग शेड बनेंगे। शेड बनने के बाद कंट्रोलिंग और सिग्नलिंग का काम शुरू हो सकेगा।

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मेट्रो का ट्रायल रन शुरु करने के लिए तेजी से काम चल रहा है। एक किलोमीटर का ट्रेक तैयार होते ही मेट्रो रेल की पटरी बिछाने का काम शुरु हो जाएगा। गांधी नगर में 200 मीटर का परिवर्तित मार्ग जल्द तैयार हो जाएगा। दोनो शहरो में समय सीमा के भीतर सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर में ट्रायल रन प्रारंभ करने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं – मनीष सिंह, प्रबंध निदेशक एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन .