इंदौर। जिले में कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिये अनेक नवाचार किये जा रहे है। इसी के तहत कुपोषण दूर करने के लिये जनभागीदारी से एक और अनूठी पहल की गई है। जिले में 50 लाख रूपये जनभागीदारी से खर्च कर जिले के महू विकासखण्ड के मानपुर में एक सर्वसुविधायुक्त आदर्श पोषण पुनर्वास केन्द्र बनाया गया है। इस पुनर्वास केन्द्र का गत दिनों संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर ने लोकार्पण किया।

एसडीएम महू अक्षत जैन ने बताया कि कुपोषित बच्चों के लिए ट्राइबल एरिया में बनाया गया यह जनभागीदारी से निर्मित प्रदेश का पहला भव्य एवं सर्वसुविधायुक्त पुनर्वास केंद्र है। यहां बच्चे स्वस्थ होकर भारत के निर्माण में महती भूमिका निभाएंगे। इस केन्द्र के लिये जनभागीदारी के माध्यम से 50 लाख रुपये खर्च किये गये है। इसके निर्माण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर के परिसर में स्थित एक पुरानी जीर्ण-शीर्ण बिल्डिंग का नवीनीकरण किया गया है।

केंद्र में बच्चों के लिए 20 बिस्तर की व्यवस्था उपलब्ध है। साथ में स्टाफ कार्यालय, स्तनपान कक्ष, खिलौना कक्ष, किचन एवं स्टोर रूम की सुविधा भी केंद्र में रखी गयी है। इसके अतिरिक्त बच्चों के खेलने के लिए प्लेग्राउंड एवं उनके पोषण के लिए किचन गार्डन भी निर्मित किया गया है। यहां 5 वर्ष से कम व गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों जिनमें चिकित्सकीय जटिलताएं हो उन्हें चिकित्सकीय व पोषण सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसके अलावा बच्चों के माताओं या अन्य देखभालकर्ताओं को बच्चों के समग्र विकास हेतु आवश्यक देखभाल तथा खानपान सम्बंधित कौशल का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा।

लोकार्पण कार्यक्रम में मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि कुपोषित बच्चों के लिए जनभागीदारी से यह अनूठा कार्य किया गया है। यह कार्य सबके लिए प्रेरणा है। यह पहल शासन, प्रशासन एवं जनता के समाज के हित के प्रति सहयोग का अनोखा उदाहरण है। विकासखंड मानपुर आदिवासी बहुमूल्य क्षेत्र है, जिस कारण यहाँ कुपोषण एक गंभीर समस्या है। यहाँ के कुपोषित बच्चों के इलाज एवं देख-भाल के लिए आदर्श पोषण पुनर्वास केंद्र अति उपयोगी होगा।