उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक प्रमुख के संबोधन के समय प्रतिपक्ष का आचरण न केवल संविधान बल्कि एक महिला के प्रति भी अपमानजनक था।
सीएम योगी ने कहा कि यह व्यवहार लोकतंत्र को कमजोर करता है। उन्होंने इसे संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का भी अपमान बताया।
विपक्ष पर धार्मिक पर्वों के विरोध का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल जन्माष्टमी जैसे पर्वों का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे दल हिंदुस्तान में रहकर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ गाने में दिक्कत महसूस करते हैं। सीएम योगी ने इसे संविधान निर्माता के प्रति अनादर करार दिया।
उन्होंने समाजवादी पार्टी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि इस दल के लोग गाजी का समर्थन करते हैं। इसके विपरीत सरकार ने बहराइच में महाराज सुहेलदेव का भव्य स्मारक बनवाया है और उनके नाम पर विश्वविद्यालय भी स्थापित किया है।
सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने का दावा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने काशी विश्वनाथ धाम में महारानी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा स्थापित कर सांस्कृतिक विरासत को सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष राम मंदिर और काशी विश्वनाथ दोनों का विरोध करता रहा है।
सीएम योगी ने कांवड़ यात्रा, दीपोत्सव और रंगोत्सव जैसे आयोजनों के विरोध का भी जिक्र किया। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने सुप्रीम कोर्ट में भगवान राम के अस्तित्व को नकारा और राम मंदिर के खिलाफ वकील खड़े किए।
समाजवादी पार्टी पर कारसेवकों पर गोली चलवाने का आरोप दोहराते हुए उन्होंने कहा कि यह इतिहास का ऐसा हिस्सा है जिसे भुलाया नहीं जा सकता।
उत्सव प्रदेश बना उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘यतो धर्मस्ततो जय’ के सिद्धांत पर चलते हुए आज उत्तर प्रदेश की पहचान बदल चुकी है। अयोध्या का दीपोत्सव, काशी की देव दीपावली और मथुरा का रंगोत्सव अब प्रदेश की नई पहचान बन गए हैं।
उन्होंने कहा कि आस्था के सम्मान ने ही उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ के टैग से मुक्त कराया है। डबल इंजन की सरकार प्रदेश के सभी तीर्थस्थलों का विकास कर रही है और भारत के आध्यात्मिक गौरव को पुनर्जीवित कर रही है।
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के तहत ‘विकसित भारत’ के आह्वान को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का यह संकल्प देश की नई दिशा तय कर रहा है।
आर्थिक प्रगति पर बड़ा दावा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए कहा कि 2017 तक उत्तर प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) करीब 13 लाख करोड़ रुपये थी। पिछले 70 वर्षों में जो 13 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनी थी, उसमें 2017 के बाद केवल आठ वर्षों में 23 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि जोड़ी गई है।
उन्होंने कहा कि देश की GDP में उत्तर प्रदेश का योगदान एक समय घटकर 8 प्रतिशत रह गया था। अब इसे बढ़ाकर 9 प्रतिशत पर लाया गया है। सीएम योगी ने इसे सरकार की नीतियों और विकास योजनाओं का नतीजा बताया।
कुल मिलाकर विधान परिषद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को निशाने पर रखते हुए सरकार की सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश अब विकास और उत्सव दोनों के लिए जाना जाता है।











