प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से रोशन हो रहा हर घर, बढ़ रही बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता

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By Raj RathorePublished On: August 4, 2026
PM Solar Ghar Yojana in CG

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना देश को ऊर्जा आत्मनिर्भर, पर्यावरण-अनुकूल और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है।

यह योजना आम नागरिकों को स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ बिजली व्यय में कमी और घरेलू बचत बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कर परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा का लाभ प्रदान किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। राज्य सरकार की सक्रिय पहल से कोरबा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में अधिकाधिक परिवार इस योजना से जुड़कर बिजली बिल में बचत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता तथा हरित भविष्य की दिशा में उल्लेखनीय कदम बढ़ा रहे हैं।

इसी क्रम में कोरबा शहर के पोड़ीबहार निवासी सुरेश सिंह भी योजना का लाभ लेकर स्वच्छ ऊर्जा को अपनाते हुए बिजली बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल कर रहे हैं। योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कराया।

संयंत्र से मिलने वाले लाभ, बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी तथा सकारात्मक अनुभव को देखते हुए उन्होंने बाद में एक और 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप संयंत्र लगवाया। वर्तमान में उनके घर में कुल 6 किलोवाट क्षमता का सोलर संयंत्र स्थापित है, जिससे उनका घर स्वच्छ एवं सौर ऊर्जा से संचालित हो रहा है।

सिंह ने बताया कि सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद उनके बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है और अब उनका बिजली बिल माइनस (क्रेडिट) में आने लगा है। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों से उन्हें बिजली बिल से संबंधित किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा है।

पहले जहां हर महीने बिजली बिल की चिंता बनी रहती थी, वहीं अब वे न केवल बिजली खर्च में बचत कर रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त उत्पादित बिजली का भी लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इससे उनके परिवार की मासिक बचत में वृद्धि हुई है और आर्थिक रूप से भी उन्हें काफी राहत मिली है।

उन्होंने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा प्रदान की गई सब्सिडी के कारण सोलर संयंत्र की स्थापना सरल और किफायती हो सकी। योजना ने उन्हें स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया और आज वे स्वयं को पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों का सहभागी मानते हैं। उनका कहना है कि सौर ऊर्जा का उपयोग केवल बिजली बिल कम करने का माध्यम नहीं है, बल्कि आने वाली पीढि़यों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।