हरिद्वार संत सम्मेलन में गरजे सीएम योगी, बोले- न कर्फ्यू, न दंगा, यूपी में सब चंगा

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By Raj RathorePublished On: February 6, 2026
Yogi Adityanath Haridwar Visit

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को हरिद्वार में कहा कि उनका राज्य अब कर्फ्यू और दंगों से मुक्त होकर विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने दावा किया कि जो यूपी कभी ‘बीमारू’ राज्य कहलाता था, वह आज देश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन चुका है। सीएम योगी सप्तऋषि आश्रम ग्राउंड में आयोजित एक संत सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आध्यात्मिक गुरु स्वामी अवधेशानंद गिरि समेत कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। सीएम योगी ने अपने संबोधन में यूपी की बेहतर कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर विशेष जोर दिया।

‘न कर्फ्यू, न दंगा, यूपी में सब चंगा’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि अब प्रदेश में अराजकता, गुंडागर्दी और दंगों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने अपने लोकप्रिय नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थिति अब पूरी तरह बदल चुकी है।

अब उत्तर प्रदेश में अराजकता नहीं है। अब दंगे फसाद नहीं हैं, गुंडागर्दी नहीं है, यानी न कर्फ्यू, न दंगा यूपी में अब सब चंगा  – योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

उन्होंने कहा कि बेहतर सुरक्षा के माहौल ने राज्य को प्रगति के नए रास्ते पर आगे बढ़ाया है, जिससे यह निवेशकों और उद्योगों के लिए एक पसंदीदा स्थान बन गया है।

बद्री-केदार राष्ट्रीय चेतना के केंद्र

सीएम योगी ने उत्तराखंड के प्रसिद्ध धामों का उल्लेख करते हुए कहा कि बद्रीनाथ और केदारनाथ केवल आध्यात्मिक केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के भी केंद्र बिंदु हैं। उन्होंने कहा, “राष्ट्र को यहीं से शक्ति मिलती है। हमने इन केंद्र बिंदुओं को सम्मान के साथ आगे बढ़ाया है और उनकी विरासत का सम्मान और रक्षा की है।” उन्होंने कहा कि इसी विरासत के सम्मान का नतीजा है कि उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था में एक बड़ी सफलता की कहानी बन रहा है।

सनातन चेतना ही भारत का आधार

योगी आदित्यनाथ ने भारत की प्राचीन संस्कृति और सभ्यता पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत किसी एक सत्ता या तिथि की देन नहीं है, बल्कि यह ऋषियों की सनातन चेतना का स्वाभाविक प्रवाह है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ध्येय वाक्य ‘यतो धर्म: ततो जय:’ का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां धर्म है, वहीं विजय है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि जो राष्ट्र अपनी सभ्यता और संस्कृति की उपेक्षा करता है, वह न तो अपना वर्तमान सुरक्षित रख पाता है और न ही भविष्य संजो पाता है। उन्होंने वैदिक भारत को एक आत्मनिर्भर सभ्यता का प्रतीक बताया। इस मौके पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी संतों को सनातन चेतना का जीवंत प्रतीक बताते हुए राष्ट्र और संस्कृति में उनके योगदान की सराहना की।