इजरायल-ईरान तनाव पर यूपी अलर्ट, योगी आदित्यनाथ ने बुलाई आपात समीक्षा बैठक, जिलों को जारी किए कड़े दिशा-निर्देश

Author Picture
By Pinal PatidarPublished On: March 2, 2026

मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी तनावपूर्ण हालातों के बीच योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। राज्य के छह हजार से अधिक नागरिक इस समय इजरायल में विभिन्न निर्माण और श्रम परियोजनाओं में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय परिस्थितियों को देखते हुए उनके परिवारों की चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ गई है। इसी पृष्ठभूमि में राज्य सरकार ने स्थिति पर करीबी नजर रखना शुरू कर दिया है। खुफिया एजेंसियों ने भी संवेदनशीलता बढ़ने की आशंका जताई है, जिसके बाद एहतियाती कदम तेज कर दिए गए हैं।

सीएम की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक और सख्त निर्देश

हालातों की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि इजरायल में कार्यरत सभी श्रमिकों का अद्यतन डेटा तैयार रखा जाए। किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है, ताकि परिजन सीधे संपर्क कर सकें। श्रमिकों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावास द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। तेल अवीव स्थित भारतीय राजदूत संज़ीव सिंगला से भी निरंतर संपर्क बनाए रखा गया है, जिससे पल-पल की जानकारी मिलती रहे।

2024 में हुआ था चयन, केंद्र की पहल से मिला अवसर

इजरायल में कार्यरत अधिकांश श्रमिकों का चयन वर्ष 2024 में भारत सरकार के सहयोग से हुआ था। यह पूरी प्रक्रिया National Skill Development Corporation (NSDC) और इजरायल की Population and Immigration Authority (PIBA) के माध्यम से संपन्न हुई थी। निर्माण क्षेत्र में कुशल कामगारों की मांग को ध्यान में रखते हुए इन श्रमिकों को विभिन्न परियोजनाओं में नियुक्त किया गया। सरकार के अनुसार, जिन स्थानों पर ये श्रमिक कार्यरत हैं, वहां सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कई परियोजना स्थलों पर बंकर और सुरक्षित आश्रय स्थल भी उपलब्ध कराए गए हैं।

जिलों में कंट्रोल रूम, परिजनों से सतत संवाद

राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन परिवारों के सदस्य इजरायल में कार्यरत हैं, उनके साथ नियमित संपर्क बनाए रखा जाए। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां से परिजनों को ताजा और आधिकारिक जानकारी दी जा रही है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचना स्रोतों पर ही विश्वास रखें। प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यदि आवश्यकता पड़े तो त्वरित राहत और समन्वय की प्रक्रिया बिना देरी के शुरू की जा सके।