देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में इन दिनों पानी का संकट बड़ा मुद्दा बना हुआ है। शहर के कई इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित होने से लोग परेशान हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को राजवाड़ा पर बड़ा धरना-प्रदर्शन किया और नगर निगम व महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कांग्रेस नेताओं ने शहर में गहराते जल संकट के लिए नगर निगम प्रशासन और भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए इस्तीफे की मांग की। हालांकि प्रदर्शन के दौरान सामने आई कुछ तस्वीरों और वीडियो ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
धरना स्थल पर पानी की बौछारें
धरना स्थल पर एक ओर कांग्रेस नेता पानी की किल्लत को लेकर निगम प्रशासन को घेर रहे थे, वहीं दूसरी ओर नेताओं और कार्यकर्ताओं को गर्मी से राहत देने के लिए वाटर स्प्रिंकल के जरिए लगातार पानी की बौछारें की जा रही थीं।
प्रदर्शन के दौरान पानी के छिड़काव के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसके बाद आंदोलन की गंभीरता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
ढोल-नगाड़ों के साथ शुरू हुआ प्रदर्शन
कांग्रेस के इस आंदोलन की शुरुआत ढोल-नगाड़ों और जुलूस के साथ हुई। पानी संकट जैसे गंभीर मुद्दे पर आयोजित प्रदर्शन में जश्न जैसे माहौल को लेकर भी कई लोगों ने सवाल खड़े किए।
सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि जब शहर के लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं, तब आंदोलन का स्वरूप जनआक्रोश से ज्यादा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन जैसा नजर आया।
पानी सप्लाई का वीडियो वायरल
सबसे ज्यादा चर्चा उस वीडियो की हो रही है, जिसमें कथित तौर पर नगर निगम के पानी के टैंकर से धरना स्थल पर पानी पहुंचता दिखाई दे रहा है। जिस नगर निगम को कांग्रेस जल संकट के लिए जिम्मेदार बता रही थी, उसी निगम के टैंकर से प्रदर्शन स्थल पर पानी की व्यवस्था होने को लेकर अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
धरने में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, बाला बच्चन समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने शहर में जल संकट का तत्काल समाधान करने की मांग की।
हालांकि आंदोलन के दौरान सामने आए वीडियो और तस्वीरों के बाद अब सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि यह वास्तव में जनता के आक्रोश का प्रदर्शन था या फिर राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का मंच।











