सीएम योगी ने गोरखपुर में एक खास और भावनात्मक कार्यक्रम का हिस्सा बने, जहां उन्होंने छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया। यह आयोजन गोरखनाथ मंदिर परिसर में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को गोद में उठाकर परंपरागत तरीके से उन्हें पहला अन्न खिलाया। चावल, दही और मिठाई के रूप में पहला निवाला देते हुए उनका स्नेहिल अंदाज देखने लायक था, जिसने पूरे माहौल को भावुक बना दिया।
परंपरा और भावनाओं का अनोखा संगम
अन्नप्राशन के दौरान एक बच्ची कभी रोती तो कभी मुस्कुराती नजर आई, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। इस पल ने कार्यक्रम में एक खास अपनापन और आत्मीयता जोड़ दी। अन्नप्राशन संस्कार हिंदू धर्म की प्राचीन और महत्वपूर्ण परंपराओं में से एक है, जिसमें शिशु को पहली बार ठोस भोजन कराया जाता है। इसे जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है और परिवार के लिए यह एक विशेष अवसर होता है।
बच्चों को दिया आशीर्वाद
इस मौके पर मंदिर के पुजारी, स्थानीय नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को आशीर्वाद देते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य होते हैं और उनका सही मार्गदर्शन व देखभाल समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
लोगों के बीच पहुंचे CM योगी, दिखा अपनापन
मुख्यमंत्री का इस तरह आम लोगों के बीच पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लेना लोगों को काफी पसंद आया। उनके सहज और सादगीपूर्ण व्यवहार ने लोगों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। आयोजन के बाद मुख्यमंत्री ने कुछ समय तक लोगों से संवाद भी किया। कुल मिलाकर यह कार्यक्रम धार्मिक परंपरा के साथ-साथ सामाजिक जुड़ाव और सकारात्मक संदेश का प्रतीक बनकर सामने आया।











