उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीक, संवेदनशीलता और प्रोफेशनल दक्षता के साथ और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में योगी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब पुलिस प्रशिक्षण में ड्रोन, साइबर फॉरेंसिक, फायरिंग सिम्युलेटर और ड्राइविंग सिम्युलेटर जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही स्मार्ट क्लासरूम और ऑनलाइन विशेषज्ञ प्रशिक्षण की व्यवस्था भी शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ट्रेनिंग सिस्टम को पूरी तरह आधुनिक, व्यवहारिक और परिणामोन्मुख बनाया जाए, ताकि उत्तर प्रदेश पुलिस देश की सबसे सक्षम पुलिस फोर्स के रूप में स्थापित हो सके।
संवेदनशील पुलिसिंग पर जोर
गुरुवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की पुलिसिंग केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गई है। साइबर अपराध, तकनीकी समझ, संवाद कौशल और संवेदनशील व्यवहार जैसी क्षमताएं भी पुलिस के लिए बेहद जरूरी हो गई हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण में गुणवत्ता, पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित की जाए। साथ ही नियमित मूल्यांकन की व्यवस्था भी लागू की जाए, ताकि पुलिसकर्मी हर चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।
प्रदेशभर में 100 से ज्यादा ट्रेनिंग सेंटर
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में पुलिस अकादमी मुरादाबाद सहित 11 प्रशिक्षण संस्थान, छह पुलिस ट्रेनिंग स्कूल, दो आर्म्ड ट्रेनिंग संस्थान और 93 से अधिक रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं।
प्रदेश में पुलिस प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ाकर 18 हजार से 60,244 तक कर दिया गया है। वहीं अब तक 3,90,799 पुलिसकर्मी आइगाट पोर्टल पर पंजीकृत होकर 59 लाख से अधिक कोर्स पूरे कर चुके हैं।
व्यवहार सुधार के लिए विशेष ट्रेनिंग
जनता से दुर्व्यवहार की शिकायतों में चिन्हित 5,816 पुलिसकर्मियों को विशेष व्यवहार सुधार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, मुंबई के सहयोग से संवाद क्षमता, तनाव प्रबंधन और नेतृत्व कौशल पर आधारित कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा एटीएस, एसटीएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, यूपी-112, महिला पावरलाइन और फायर सर्विसेज जैसी विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा ऑपरेशनल मॉक ड्रिल और कैप्सूल कोर्स भी कराए जाएंगे।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि मालदीव पुलिस के अधिकारियों को उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव विचाराधीन है। इस संबंध में भारत सरकार के स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।











