इंदौर कलेक्ट्रेट में घंटों खड़ी रही बच्चियां, कलेक्टर के बोलने पर भी नहीं मिली कुर्सी, बैठे रहे अधिकारी

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By Raj RathorePublished On: July 28, 2026

कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। प्रशिक्षण और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को समझने के लिए पहुंचीं स्काउट-गाइड की कक्षा 9वीं और 10वीं की दो छात्राएं करीब दो घंटे तक लगातार खड़ी रहीं, जबकि अधिकारी बैठकर जनसुनवाई करते रहे। इस दौरान किसी ने भी छात्राओं को बैठाने की पहल नहीं की।

जानकारी के अनुसार, दोनों बालिकाएं सुबह करीब 11:15 बजे जनसुनवाई में पहुंची थीं और दोपहर 1:30 बजे तक लगातार खड़ी रहीं। लंबे समय तक खड़े रहने के कारण वे बारी-बारी से एक पैर पर शरीर का भार डालती नजर आईं।

कलेक्टर ने दिए बैठाने के निर्देश

जब कलेक्टर शिवम वर्मा जनसुनवाई में पहुंचे तो उनकी नजर छात्राओं पर पड़ी। उन्होंने तत्काल अधिकारियों को उन्हें बैठाने के निर्देश दिए। हालांकि, कुछ देर बाद छात्राएं फिर पीछे जाकर खड़ी हो गईं और उन्हें कुर्सी पर बैठाने की व्यवस्था नहीं की गई।

स्काउट-गाइड की गाइड कैप्टन कामाक्षी भट्ट ने बताया कि बच्चों को प्रशिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी देने के लिए जनसुनवाई में लाया जाता है। उन्होंने कहा कि ये छात्राएं द्वितीय और तृतीय सोपान पास कर चुकी हैं तथा लगातार खड़े रहने का प्रशिक्षण भी प्राप्त कर चुकी हैं। बावजूद इसके, उन्होंने माना कि आगे से इतनी छोटी बच्चियों को इस तरह लंबे समय तक खड़ा नहीं रखा जाएगा।

सिटी बस सेवा बहाल करने की मांग

इसी जनसुनवाई में देवगुराड़िया से कंपेल मार्ग पर सिटी बस सेवा दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी पहुंचे। विद्यार्थियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद से इस मार्ग पर सिटी बस का संचालन बंद है, जिससे रोजाना स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है।

छात्रों के अनुसार, कंपेल स्थित विद्यालय में आसपास के पांच से छह गांवों के विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। बस सेवा बंद होने से उन्हें निजी साधनों या अन्य विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द इस मार्ग पर सिटी बस सेवा बहाल करने की मांग की।