वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर रानी अहिल्याबाई की प्रतिमा को लेकर उठे विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस वार्ता कर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने इस पूरे मामले के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि प्रतिमा टूटने का दावा पूरी तरह भ्रामक है और जो तस्वीरें या दृश्य दिखाए जा रहे हैं, वे AI तकनीक से तैयार किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जानबूझकर काशी की छवि खराब करने की साजिश रच रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर तोड़े जाने के दावे पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित है और उसके जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है, जो पूरा होने के बाद प्रतिमा नए स्वरूप में दिखाई देगी। सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा एआई तकनीक से तैयार किए गए वीडियो के जरिए मंदिर तोड़े जाने का झूठ फैलाया जा रहा है, जो जनता को भ्रमित करने का प्रयास और एक गंभीर अपराध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी शाश्वत नगरी है, जो हर भारतीय की आस्था से जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि आज़ादी के बाद लंबे समय तक काशी को वह विकास और गौरव नहीं मिल सका, जिसकी वह हकदार थी। हालांकि बीते 11 से 11.5 वर्षों में काशी ने अपनी आध्यात्मिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है और नए आयाम स्थापित किए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 से पहले, यानी काशी विश्वनाथ धाम के पुनर्विकास से पूर्व, रोजाना दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या केवल 5 से 25 हजार के बीच रहती थी। अब यह आंकड़ा कई गुना बढ़कर प्रतिदिन करीब 1.25 से 1.50 लाख तक पहुंच गया है। उन्होंने यह भी बताया कि काशी ने अकेले ही देश की जीडीपी में लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है।










