सीएम योगी के निर्देश पर प्रशासन ने लखीमपुर खीरी के दो अनाथ भाई का कराया दाखिला

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By Raj RathorePublished On: February 9, 2026

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘जनता दर्शन’ में सोमवार को लखीमपुर खीरी से पहुंचे दो अनाथ भाइयों की दर्दभरी कहानी सुनकर सीएम योगी ने तत्काल मदद के निर्देश दिए। सीएम का आदेश मिलते ही लखीमपुर खीरी का जिला प्रशासन हरकत में आया और बच्चों के घर पहुंचने से पहले ही उनकी पढ़ाई से लेकर आर्थिक मदद तक के सारे इंतजाम कर दिए।

इन बच्चों को न केवल दोबारा स्कूल में दाखिला दिलाया गया, बल्कि 50 हजार रुपये की नकद आर्थिक सहायता, राशन और अन्य जरूरी सामान भी मुहैया कराया गया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से मुलाकात के दौरान उन्हें मन लगाकर पढ़ने और मोबाइल फोन से दूर रहने की सलाह दी।

रुक गई थी पढ़ाई

लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि धौरहरा के सरसवा गांव निवासी शिवांशु और अजय कुमार के माता-पिता की 2018 में एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। इस हादसे के बाद दोनों बच्चों पर भरण-पोषण और शिक्षा का संकट आ गया, जिसके चलते उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी।

इसी समस्या को लेकर दोनों भाई अपने दादा-दादी के साथ सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले और अपनी पूरी स्थिति बताई। सीएम योगी ने उनकी परेशानी को गंभीरता से सुना और तुरंत जिला प्रशासन को हर संभव मदद सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

प्रशासन ने तुरंत की कार्रवाई

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने तेजी से काम किया। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि दोनों बच्चों का नाम ‘स्पॉन्सरशिप योजना’ में दर्ज करा दिया गया है, जिससे अब उन्हें हर महीने चार-चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। उनका पात्र गृहस्थी राशन कार्ड भी अंत्योदय कार्ड में बदला जा रहा है।

शिक्षा की व्यवस्था करते हुए अजय कुमार का दाखिला गांव के ही स्कूल में कक्षा सात में करा दिया गया है, जबकि शिवांशु के कक्षा नौ में प्रवेश की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

डीएम के निर्देश पर सीडीओ अभिषेक कुमार ने परिवार से मुलाकात कर उन्हें 50 हजार रुपये का चेक सौंपा। इसके अलावा, एक खाद्यान्न किट (आटा, चावल, दाल, तेल, मसाले) और एक सीएसआर किट (पानी की बोतल, छाता, टॉर्च, मच्छरदानी) भी दी गई। बच्चों को स्कूल बैग, ड्रेस, जूते, स्वेटर और कंबल भी दिए गए, जिसके बाद परिवार को सरकारी वाहन से उनके घर पहुंचाया गया।

सैनिकों ने भी लगाई गुहार

इसी जनता दर्शन कार्यक्रम में हापुड़ से आए दो सैनिकों ने भी मुख्यमंत्री से जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की। उन्होंने बताया कि वे दोनों भाई सेना में देश सेवा कर रहे हैं और गांव में उनके नेत्रहीन पिता रहते हैं। उनके ताऊ के लड़कों ने उनकी जमीन पर हथियार के बल पर कब्जा कर लिया है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में हापुड़ प्रशासन को तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।