मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस आवास निगम को निर्देश दिए हैं कि पुलिस लाइन, थाना भवन, बैरक और अग्निशमन केंद्र सहित सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा बेहद जरूरी है, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
थर्ड पार्टी ऑडिट के निर्देश
बुधवार को पुलिस आवास निगम की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए।
उन्होंने कहा कि तकनीकी मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। साथ ही परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और जरूरत पड़ने पर तकनीकी विशेषज्ञों की मदद लेने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पुलिस आवास निगम प्रदेश के सभी 75 जिलों में कार्य कर रहा है। निगम की छह निर्माण इकाइयों के माध्यम से कुल 233 परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें से 221 कार्य तय समयसीमा के भीतर प्रगति पर हैं।
1100 करोड़ से ज्यादा के निर्माण कार्य पूरे
अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2023 से 20 मई 2026 तक करीब 1104 करोड़ रुपये की लागत से 1586 निर्माण कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इनमें बहुमंजिला बैरक, ट्रांजिट हॉस्टल, थाना भवन, पुलिस चौकी, अग्निशमन केंद्र, जीआरपी बैरक, एटीएस फील्ड यूनिट और महाकुंभ-2025 से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
बैठक में यह भी बताया गया कि थानों में महिला प्रसाधन जैसी सुविधाओं का भी विकास किया गया है, ताकि महिला कर्मियों और आमजन को बेहतर सुविधा मिल सके। इसके अलावा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल एप आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग और थर्ड पार्टी परीक्षण प्रणाली लागू की गई है।
भर्ती प्रक्रिया मेरिट के आधार पर होगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निगम में खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि सभी नियुक्तियां पूरी तरह मेरिट के आधार पर की जाएं। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस आवास निगम लगातार लाभ में है और वर्ष 2025-26 में अब तक 11.14 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया गया है।










