मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को खंडवा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को सौगात देते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस दौरान सीएम डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रदेश के 82.70 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 3,300 करोड़ से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। इस अवसर पर किसानों को वर्ष 2025-26 की तीसरी और वर्ष 2026-27 की पहली किस्त के रूप में 4,000 की राशि प्राप्त हुई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जैविक एवं हाईटेक खेती, खाद्य प्रसंस्करण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों, मेधावी विद्यार्थियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को सम्मानित करने के साथ ही खंडवा में पुलिस बटालियन स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने खंडवा-बूंदी मार्ग के लिए 15 सिंतबर से पहले टेंडर जारी होने की बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किसानों की ओर से हल भेंट कर स्वागत किया गया।
पीएम मोदी के नेतृत्व में हो रहे किसान कल्याण के निर्णय
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार लगातार किसान कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। किसान अपनी मेहनत और पसीने से धरती से अन्न उगाते हैं और भूखों को अन्न उपलब्ध कराते हैं। किसानों के प्रति हमारी सरकार के मन में अगाध सम्मान है।
राज्य सरकार ने आज प्रदेशभर के 82 लाख 70 हजार से अधिक किसान भाइयों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत 3300 करोड़ से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। किसान भाइयों को आज एक साथ 4-4 हजार रुपए अपने बैंक खातों में मिले हैं।
प्रदेशभऱ में आयोजित हो रहे बलराम महोत्सव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की क्षमताओं को पहचानती है। भारत वह देश है, जो अपनी परंपरा में वसुधैव कुटुम्बकम का भाव रखते हुए संपूर्ण विश्व को एक परिवार मानता है। हमारी संस्कृति जियो और जीने दो पर विश्वास करती है, जिसमें चीटी जैसे एक छोटे जीव को भी हम खाना खिलाने की चिंता करते हैं। पहली रोटी गोमाता को और आखिरी रोटी स्वान देवता को देते हैं।
भगवान बलराम हमारे कृषि क्षेत्र के पहले देवता हैं। किसान की आय दोगुना करने के लिए वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदेशभर में बलराम महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं।
सिंचाई क्षमता बढ़ी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह किसानों के प्रति हमारी संकल्प शक्ति का ही परिणाम है कि आज प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो कि वर्ष 2002-03 से पहले मात्र 44 लाख हेक्टेयर था। पिछले ढाई साल में सिंचाई का रकबा 10 लाख हेक्टेयर से अधिक बढ़ चुका है। राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र में सर्वांगीण विकास के लिए किसानों को बिजली, पानी, बेहतर सड़कें, प्राकृतिक खेती और आधुनिक खेती से जोड़ा है।
किसान भाई अब ड्रोन से खेतों में खाद-बीज का छिड़काव कर रहे हैं। इसी वर्षा काल के बाद किसानों को दिन में भी सिंचाई के लिए बिजली मिलेगी। किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार दूध उत्पादन को प्रोत्साहित कर रही है। दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है।










