रविवार को लखनऊ में आयोजित स्वास्थ्य कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि पहले आर्थिक अभाव और कमजोर स्वास्थ्य ढांचे के कारण लोगों को इलाज के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, यहां तक कि बीमार बच्चों को लेकर आए परिवार भी निराश होकर लौट जाते थे। अब सरकार आयुष्मान कार्ड के माध्यम से जरूरतमंदों को पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 5.50 करोड़ गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का असर यह हुआ है कि उत्तर प्रदेश ने मातृ मृत्यु दर के मामले में राष्ट्रीय मानकों को हासिल कर लिया है। साथ ही मलेरिया, चिकनगुनिया, कालाजार और इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले हर साल लगभग 40 हजार बच्चों की मौत होती थी, लेकिन 2017 के बाद दो वर्षों तक चलाए गए विशेष अभियानों से इंसेफेलाइटिस पूरी तरह समाप्त हो गया।










