व्यापारियों के लिए खुशखबरी, यूपी में उद्योग और व्यापार से जुड़े 99 प्रतिशत आपराधिक कानून होंगे खत्म, जेल नहीं सिर्फ लगेगा जुर्माना

Author Picture
By Abhishek SinghPublished On: August 29, 2025

उत्तर प्रदेश में औद्योगिक और श्रम सुधारों को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्योग एवं व्यापार से संबंधित 13 राज्य अधिनियमों में लगभग 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधानों को समाप्त करने के आदेश दिए हैं। इस पहल के लागू होने पर यूपी देश का पहला राज्य बन जाएगा, जो अप्रासंगिक आपराधिक धाराओं को गैर-आपराधिक श्रेणी में परिवर्तित करेगा। इसके अंतर्गत कारावास की सजा के स्थान पर अधिक आर्थिक जुर्माना और प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान किया जाएगा।


गुरुवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और सुदृढ़ करने के लिए नए कदम उठाना आवश्यक है। उनके निर्देश पर जल्द ही सुगम्य व्यापार (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया जाएगा। इस विधेयक के अंतर्गत आबकारी अधिनियम, शीरा अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम, राजस्व संहिता, गन्ना अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, प्लास्टिक कचरा अधिनियम, सिनेमा अधिनियम तथा क्षेत्र और जिला पंचायत अधिनियम सहित कई कानूनों को और अधिक व्यवहारिक स्वरूप दिया जाएगा।

अनुमोदन में पारदर्शिता और समय की बचत

निवेश मित्र 3.0 के अंतर्गत निवेशकों की आवेदन और अनुमोदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल व सरल बनाया जाएगा। इसमें कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म, पैन-आधारित पहचान, स्मार्ट डैशबोर्ड, बहुभाषी सुविधा और एआई चैटबॉट जैसी सेवाएं शामिल होंगी। मुख्यमंत्री ने निवेश मित्र पोर्टल के इस नए संस्करण को शीघ्र लांच करने के निर्देश दिए।

श्रम सुधार से निवेश को मिलेगी नई गति

श्रम कानूनों के सरलीकरण के तहत फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाने, दुकानों व प्रतिष्ठानों से जुड़े नियमों को अधिक व्यावहारिक बनाने और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सुनिश्चित करने जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निरीक्षण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए स्व-सत्यापन और थर्ड पार्टी ऑडिट की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।