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RBI डायरेक्टर ने आर्थिक पैकेज पर उठाए सवाल, कहा- मांग बढ़ने की उम्मीद कम

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण उपजी आर्थिक समस्याओं के चलते मोदी सरकार ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है। वहीं अब भारतीय रिजर्व बैंक के एक डायरेक्टर और आरएसएस से जुड़े रहे सतीश काशीनाथ मराठे ने इस पैकेज पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि 3 महीने का मोरटोरियम काफी नहीं है, साथ ही एनपीए में नरमी भी राहत पैकेज में शामिल की जानी चाहिए थी।

मराठे ने ट्वीट कर कहा कि ‘राहत पैकेज अच्छी और प्रगतिशील सोच वाला है, लेकिन यह अर्थव्यवस्था को उबारने में अग्रिम योद्धाओं के रूप में बैंकों को शामिल करने के मामले में विफल रहा है। तीन महीने का मोरेटोरियम पर्याप्त नहीं है। एनपीए, प्रोविजनिंग में नरमी आदि राहत पैकेज का हिस्सा होना चाहिए था ताकि भारत को एक बार फिर तरक्की के रास्ते पर ले जाया सके।‘

सतीश काशीनाथ ने कहा कि इस आर्थिक पैकेज के कारण मांग बढ़ने की उम्मीद कम है, क्योंकि इसमें सप्लाई साइड पर जोर दिया गया है। बता दे कि मराठे सहकारी क्षेत्र में काम करने वाले एनजीओ सहकार भारती के संस्थापक सदस्य हैं। जो कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा एक स्वयंसेवी संगठन है।

प्रधानमंत्री ने किया था ऐलान

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 20 लाख करोड रुपए के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था। जिसको लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पांच प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पांच किस्त जारी की थी। जिसमें एमएसएमई को तीन लाख करोड़ का लोन देने का भी ऐलान किया गया था।