देशमध्य प्रदेश

भोपाल के कांग्रेस कार्यालय में कुछ इस अंदाज में हुई प्रेमचंद गुड्डू की हुई घर वापसी

भोपाल : कभी एक दूसरे फूटी आंख नहीं सुहाने वाले सज्जन वर्मा और प्रेमचंद गुड्डू आज पहली बार एक मंच पर थे। सज्जन गुड्डू की तारीफ में कसीदे काढ़ रहे थे। वहीं गुड्डू उन्हें अपना बड़ा भाई बता रहे थे। पर्दे के पीछे यह पूरी रणनीति कमल नाथ ने तय की थी। गुड्डू दिग्विजय सिंह के करीबी माने जाते हैं। दिग्विजय सिंह ने इसके  पहले प्रदेश में सरकार के रहते भी गुड्डू को कांग्रेस में वापस लाने का प्रयास किया था लेकिन सज्जन ने यह कहते हुए टँगड़ी मार दी की गद्दारों की पार्टी में जरूरत नहीं है।

इसलिए इस बार कमलनाथ ने गुड्डू की वापसी के पहले दोनों में सुलह कराई। दोनों के मनमुटाव दूर होने का फायदा गुड्डू को सांवेर विधान सभा उप चुनाव में मिल सकता है। संभव है कि कमलनाथ सज्जन वर्मा को ही सांवेर विधान सभा उप चुनाव का प्रभारी बनाकर जिताने की जवाबदारी सौंप दें ऐसे में सज्जन को एक बार फिर तुलसी सिलावट से हिसाब चुकता करने का मौका मिलेगा।