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Amphan Update: 8 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट, 200 km की रफ्तार, 14 लाख लोगों को किया शिफ्ट

नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी से उठा तूफ़ान अम्फान तेजी से पश्चिम बंगाल और ओडिशा की तरफ बढ़ रहा है। आज इसके पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों से टकराने की आशंका जताई जा रही है। 21 साल बाद फिर तूफान से तबाही का खतरा है। फिलहाल करीब 100 किलोमीटर दूर तूफान के केंद्र में करीब 200 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चल रही है।

सुरक्षित जगह पहुंचे 14 लाख से ज्यादा लोग

ओडिशा और बंगाल के तटीय इलाकों में रहने वाले लोग डरे हुए है। लोगों को लगातार सावधान रहने की हिदायतें दी जा रही हैं और उनसे घरों में रहने की अपील की जा रही है। तूफ़ान के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अभी तक 14 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया है। एनडीआरएफ की टीमें भी मोर्चे पर तैनात हैं।

ओडिशा में 11 लाख लोगों को हटाया

तूफ़ान का सबसे ज्यादा असर ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बताया जा रहा है। इसके मद्देनजर ओडिशा में करीब 11 लाख लोगों को तटीय इलाकों से खाली कराया गया है। एमएमएस के जरिए लोगों को तूफान का अलर्ट भेजा जा रहा है।

बंगाल में तीन लाख लोग हटाए गए

पश्चिम बंगाल में भी करीब 3 लाख लोगों को तटीय इलाकों से शिफ्ट किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम बंगाल के दीघा तट से करीब 185 किलोमीटर की रफ्तार से चक्रवात अम्फान टकरा सकता है।

कहां हाई अलर्ट और कहां ऑरेंज अलर्ट?

अम्फान के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने ओडिशा और असम के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और जम्मू कश्मीर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा

चक्रवाती तूफान अम्फान का सबसे ज्यादा खतरा पश्चिम बंगाल के 7 और ओडिशा के 6 जिलों में है। इनमें पश्चिम बंगाल के मिदनापुर, 24 दक्षिण और उत्तर परगना, हावड़ा और हुगली में तूफान सबसे ज्यादा असर डाल सकता है। जबकि ओडिशा के केंद्रपाड़ा, भद्रक, बालासोर, मयूरभंज, जाजपुर और जगतसिंहपुर जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।

तूफ़ान के खतरे को देखते हुए हल्दिया बंदरगाह बंद कर दिया गया है। प्रभावित राज्यों में ट्रेन सेवा और गाड़ियों के आने-जाने पर भी रोक है।