MP के इस किसान ने किया कमाल, 3 महीने में ही कमा लिए 12 लाख रुपए, पॉलीहाउस तकनीक से बदली किस्मत

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By Raj RathorePublished On: February 6, 2026
Madan Choudhary Poly House Farming

Poly House Farming : बुरहानपुर जिले के निंबोल गांव के एक किसान मदन चौधरी ने पारंपरिक खेती में हो रहे नुकसान से उबरने के लिए एक नई राह अपनाई है। केले की खेती में लगातार हो रहे घाटे के बाद उन्होंने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया और पॉलीहाउस में खीरे की खेती शुरू कर महज तीन महीने में 12 लाख रुपये की कमाई की है।

मदन चौधरी पहले केले, कपास और गन्ने जैसी पारंपरिक फसलों की खेती करते थे। लेकिन समय के साथ केले के भाव इतने गिर गए कि उन्हें तीन रुपये प्रति किलो तक में अपनी फसल बेचनी पड़ी। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ और वे खेती के भविष्य को लेकर चिंतित हो गए। इसी दौरान उन्होंने कुछ नया और इनोवेटिव करने का फैसला किया।

34.5 लाख की सब्सिडी

चौधरी ने केंद्र सरकार की ‘नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड’ योजना का लाभ उठाया। इस योजना के तहत उन्होंने दो एकड़ जमीन पर पॉलीहाउस बनाने का निर्णय लिया। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 70 लाख रुपये आई, जिसमें से सरकार ने उन्हें 34.5 लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान की। इस मदद से उन्होंने आधुनिक खेती की नींव रखी और खीरे की फसल लगाई।

नई तकनीक से बंपर मुनाफा

पॉलीहाउस में खीरे की खेती का परिणाम काफी उत्साहजनक रहा। मदन चौधरी ने बताया कि उन्होंने अब तक करीब 60 टन खीरा बेचा है, जिससे उन्हें 12 लाख रुपये की आमदनी हुई है। बाजार में उन्हें अपनी उपज का भाव 20 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिल रहा है।

इस खेती की खासियत यह है कि इसमें बीमारी लगने का खतरा कम होता है। साथ ही, पानी की खपत भी काफी कम होती है और कीटनाशकों पर होने वाला खर्च लगभग न के बराबर है, जिससे लागत घटती है और मुनाफा बढ़ता है।

यूट्यूब से सीखते हैं खेती के गुर

मदन चौधरी भले ही आठवीं पास हैं, लेकिन खेती की नई तकनीकें सीखने का उनका जज्बा किसी से कम नहीं है। वह बताते हैं कि खेती से जुड़े सेमिनारों में हिस्सा लेते रहे हैं। इसके अलावा, वह यूट्यूब पर कृषि वैज्ञानिकों के वीडियो देखकर भी अपनी जानकारी बढ़ाते हैं और उसे अपने खेतों में इस्तेमाल करते हैं।

अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा

मदन चौधरी की सफलता ने आसपास के किसानों को भी प्रेरित किया है। उनकी कामयाबी देखकर क्षेत्र के 7 से ज्यादा किसानों ने पारंपरिक खेती छोड़कर खीरे की खेती शुरू कर दी है। अब इस इलाके में करीब 20 से 25 एकड़ में पॉलीहाउस के जरिए खीरे की खेती हो रही है। चौधरी का कहना है कि उनके पॉलीहाउस की गारंटी 10 साल की है और उन्हें उम्मीद है कि आने वाले कई सालों तक वह इससे अच्छा मुनाफा कमाते रहेंगे।