सोनम रघुवंशी ने किया सरेंडर, सुप्रीम कोर्ट ने तीन हफ्ते का दिया था समय

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By Raj RathorePublished On: July 29, 2026
Sonam Raghuvanshi

इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने बुधवार को शिलॉन्ग की सेशन कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद अदालत ने उसे तीन सप्ताह के भीतर पुलिस के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया था। तय समयसीमा के भीतर सोनम ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

सोनम के आत्मसमर्पण के बाद राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि अब आरोपियों को उनके अपराध के अनुरूप कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की जमानत

कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को मिली जमानत निरस्त कर दी थी। अदालत ने उसे तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश देते हुए यह भी कहा था कि यदि छह महीने के भीतर ट्रायल पूरा नहीं होता है, तो वह नई जमानत याचिका दायर कर सकती है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने इसे न्याय की दिशा में पहला बड़ा कदम बताते हुए अदालत का आभार व्यक्त किया था।

हनीमून के दौरान हुई थी हत्या

राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी 11 मई को हुई थी। इसके बाद 20 मई को दोनों हनीमून मनाने मेघालय गए थे। 23 मई को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा (चेरापूंजी) स्थित नोंग्रियाट गांव के एक होमस्टे से चेकआउट करने के कुछ घंटों बाद दोनों लापता हो गए थे।

परिवार का दोनों से 24 मई को संपर्क टूट गया, जिसके बाद 27 मई से पुलिस और बचाव दल ने तलाश अभियान शुरू किया। 2 जून को एक खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ। अगले दिन आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से हत्या की पुष्टि हुई।

पूछताछ में कबूला सच

राजा का शव मिलने के बाद भी सोनम लापता थी। 9 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर स्थित एक ढाबे से पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।

मेघालय पुलिस की पूछताछ में पुलिस के अनुसार, सोनम ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाह और अन्य लोगों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में सोनम सहित कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था।