इंदौर में 400 परिवार दो महीने से काला बदबूदार पानी पीने को मजबूर, शिकायत करने के बाद भी नहीं हुआ निराकरण

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By Raj RathorePublished On: July 29, 2026

भागीरथपुरा के बाद अब शहर के मुसाखेड़ी क्षेत्र स्थित अजय बाग कॉलोनी में भी दूषित पेयजल की समस्या सामने आई है। कॉलोनी के करीब 400 परिवार पिछले दो महीने से नर्मदा जलापूर्ति के जरिए आने वाले काले और बदबूदार पानी से परेशान हैं।

रहवासियों का कहना है कि पानी में गटर जैसी दुर्गंध आती है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। कई शिकायतों के बावजूद नगर निगम की ओर से अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

रहवासियों के अनुसार, सुबह जलापूर्ति शुरू होने के बाद करीब 15 मिनट तक नलों से काला पानी निकलता है। ऐसे में लोग न तो इस पानी को पीने की हिम्मत कर पा रहे हैं और न ही घरेलू उपयोग में लेने को सुरक्षित मान रहे हैं। उनका दावा है कि दूषित पानी के कारण कई परिवारों के सदस्य बीमार भी पड़ चुके हैं।

शिकायतें हुईं, लेकिन समाधान नहीं

अजय बाग कॉलोनी नगर निगम के जोन-18, वार्ड क्रमांक-52 में आती है। यहां अधिकांश घरों में बोरिंग की सुविधा नहीं होने से लोग पूरी तरह नर्मदा जलापूर्ति पर निर्भर हैं। ऐसे में कई परिवार पीने के लिए बाहर से पानी खरीदने को मजबूर हैं।

रहवासियों का आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और नगर निगम के 311 ऐप पर कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन बिना स्थायी समाधान किए शिकायतों का निराकरण दिखाकर उन्हें बंद कर दिया गया।

पाइपलाइन की जांच कराने की मांग

कॉलोनी के रहवासी ओमप्रकाश शर्मा, अजय वर्मा और एडवोकेट राजेश यादव ने बताया कि समस्या पिछले दो महीने से लगातार बनी हुई है। उन्होंने नगर निगम से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर नर्मदा जलापूर्ति लाइन की तकनीकी जांच कराई जाए और दूषित पानी की वजह का पता लगाकर जल्द स्थायी समाधान किया जाए।

रहवासियों का कहना है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा में लापरवाही सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष सामूहिक विरोध प्रदर्शन करेंगे।