मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी पर एक बार फिर गुंडागर्दी का आरोप लगा है। करैरा नगर में दिनेश ने अपनी थार गाड़ी से पांच लोगों को कथित तौर पर कुचल दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने शुरुआती एफआईआर में दिनेश लोधी का नाम दर्ज करने में आनाकानी की।
यह घटना करैरा बाजार की है, जहां दिनेश लोधी ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए पांच लोगों को टक्कर मार दी। पीड़ितों को चोटें आने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के तुरंत बाद दिनेश लोधी ने घायलों को मदद पहुंचाने के बजाय, पास के जिम में चला गया। उसने पीड़ितों को धमकाते हुए कहा कि हॉर्न बजाने के बावजूद वे सड़क पर बाइक क्यों लहरा रहे थे। एक पीड़ित ने जब पूछा कि गाड़ी में ब्रेक नहीं थे क्या, तो दिनेश ने जवाब दिया कि ब्रेक थे और वह सायरन दे रहा था।
मीडिया का दबाव
इस घटना के बाद पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे। शिवपुरी पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया था। स्थानीय मीडिया में खबर आने और मामला तूल पकड़ने के बाद ही दिनेश लोधी का नाम एफआईआर में शामिल किया गया। करैरा एसडीओपी आयुष जाखड़ ने मीडिया को बताया कि पहले वाली एफआईआर में ‘तकनीकी गलती’ थी, जिसे उन्होंने थाने पहुंचकर सुधारा है। उन्होंने यह भी बताया कि बिना नंबर की गाड़ी चलाने और उस पर लिखे स्लोगन के खिलाफ भी अलग से एफआईआर दर्ज की गई है।
‘बाप विधायक है’ का रौब
दिनेश लोधी पर सत्ता का नशा इतना हावी था कि उसने खुलेआम पुलिस वालों के सामने धमकियां दीं। उसने कहा, “बाप हमारा विधायक है। वह मर्डर भी निपटा देगा तो तुम लोग घर जाओ।” पुलिसकर्मी कथित तौर पर सरेराह आतंक मचा रहे दिनेश लोधी की बातें चुपचाप सुनते रहे। दिनेश की थार गाड़ी पर नंबर प्लेट नहीं थी, लेकिन उस पर ‘विधायक प्रीतम लोधी’ का स्टीकर लगा हुआ था। आम नागरिक अगर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं तो पुलिस तुरंत चालान काट देती है, लेकिन विधायक पुत्र की इस हरकत को कथित तौर पर अनदेखा किया गया।
पहले भी कर चुका है ऐसी हरकतें
यह पहली बार नहीं है जब दिनेश लोधी ने इस तरह की हरकत की है। मध्य प्रदेश में बीजेपी की नई सरकार बनने के लगभग 20 दिन बाद, उस पर ग्वालियर में एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप लगा था। वर्ष 2024 में, ग्वालियर के पुरानी छावनी इलाके में दिनेश ने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से रविंद्र यादव नामक एक व्यक्ति को कुचलने की कोशिश की थी। इस मामले में फरियादी रविंद्र यादव की शिकायत पर दिनेश लोधी को गिरफ्तार किया गया था और वह जेल भी जा चुका है।
‘आवारा’ और ‘नशेड़ी’
सार्वजनिक विवादों के बाद विधायक प्रीतम लोधी अक्सर अपने बेटे से पल्ला झाड़ते हुए दिखाई देते हैं। फरवरी 2023 में, प्रीतम लोधी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने बेटे दिनेश को ‘आवारा’ और ‘नशे का आदी’ बताया था। उन्होंने लिखा था कि दिनेश से कोई भी लेनदेन करता है तो वह खुद उसका जिम्मेदार होगा। इसके जवाब में दिनेश ने भी एक पोस्ट में लिखा था कि वह अपने पिता से परेशान है और उनकी मौत के जिम्मेदार होंगे।
दिनेश लोधी द्वारा बार-बार कानून का उल्लंघन करने और पुलिस की ढीली कार्रवाई से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यह सवाल उठता है कि दिनेश लोधी को ऐसी हिमाकत करने की शह किसकी मिलती है। इस घटना ने एक बार फिर से कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।











