सेंट्रल इंडिया के आईटी हब के रूप में तेजी से उभर रहा इंदौर अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आईटी निवेश का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। शहर में पहले से टीसीएस, इंफोसिस जैसी कई बड़ी कंपनियां मौजूद हैं, वहीं अब बढ़ती डिमांड को देखते हुए दो नए हाईटेक आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
इन नए आईटी पार्कों के जरिए इंदौर को देश के प्रमुख प्लग-एंड-प्ले आईटी डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की तैयारी है। यहां कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के मुख्यालय भी स्थापित किए जाएंगे।
सेंट्रल इंडिया का सबसे ऊंचा IT पार्क
मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम द्वारा आईटी पार्क-3 और आईटी पार्क-4 का निर्माण किया जा रहा है। इनमें आईटी पार्क-3 को सेंट्रल इंडिया का सबसे ऊंचा आईटी पार्क बनाया जा रहा है।
करीब 21 मंजिला इस भवन में लगभग 11 लाख वर्गफीट निर्मित क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। परियोजना की लागत करीब 550 करोड़ रुपए बताई गई है। वर्तमान में निर्माण कार्य लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है और इसे अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
आईटी पार्क-3 को एक आधुनिक और इंटीग्रेटेड आईटी परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें रिक्रिएशन एरिया, क्रेच सुविधा, वॉक-वे, फूड जोन, शॉपिंग स्पेस, EV चार्जिंग स्टेशन और फुल CCTV कवरेज जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
यह परिसर आईटी, आईटीईएस कंपनियों, स्टार्टअप्स और इनोवेशन आधारित उद्योगों के लिए आधुनिक कार्यालय अधोसंरचना उपलब्ध कराएगा।
ग्रीन बिल्डिंग मॉडल
वहीं आईटी पार्क-4 को 9 मंजिला ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जा रहा है।
करीब 1 लाख वर्गफीट निर्मित क्षेत्र वाले इस प्रोजेक्ट की लागत 47 करोड़ रुपए है। वर्तमान में इसका 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे लीज के लिए उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
10 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार
औद्योगिक केंद्र विकास निगम के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु प्रजापति के अनुसार, इंदौर कॉस्ट कटिंग और बेहतर लाइफस्टाइल के लिहाज से आईटी कंपनियों के लिए सबसे बेहतर शहर बनकर उभर रहा है।
उन्होंने बताया कि बेंगलुरु, पुणे और मुंबई की कई कंपनियां इंदौर में निवेश करने की इच्छुक हैं। इन परियोजनाओं के जरिए करीब 10 हजार युवाओं को रोजगार मिलने का अनुमान है।











