इंदौर बीजेपी में मचा घमासान, विधायक गोलू शुक्ला और गौरव रणदिवे के समर्थक हुए आमने-सामने

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By Raj RathorePublished On: August 17, 2026

इंदौर में बेतरतीब तरीके से लगाए जा रहे बैनर, पोस्टर और होर्डिंग को लेकर अदालत की सख्त टिप्पणियों के बावजूद राजनीतिक पोस्टरबाजी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

इंदौर में पिछले कुछ दिनों से धार्मिक आयोजनों के पोस्टरों को लेकर ‘फोटो पॉलिटिक्स’ चर्चा में है। पोस्टरों में नेताओं की तस्वीरें लगाने और कुछ नेताओं को जगह नहीं देने को लेकर समर्थकों के बीच नाराजगी सामने आ रही है।

ताजा मामला विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-3 का है, जहां एक धार्मिक यात्रा से जुड़े पोस्टरों में स्थानीय विधायक गोलू शुक्ला और कुछ अन्य भाजपा नेताओं की तस्वीरें और नाम नहीं होने पर उनके समर्थकों में नाराजगी देखी गई। मामला इतना बढ़ा कि पोस्टरों को लेकर निगम अधिकारियों तक शिकायत पहुंच गई।

धार्मिक आयोजन के पोस्टर बने विवाद की वजह

विधानसभा-3 के अलग-अलग इलाकों में धार्मिक यात्रा से जुड़े पोस्टर लगाए गए थे। बताया जा रहा है कि इन पोस्टरों को भाजपा प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे के समर्थकों, अस्सू हार्डिया और अन्य लोगों की ओर से लगवाया गया था।

पोस्टरों में स्थानीय विधायक गोलू शुक्ला, पार्षद मनीष शर्मा समेत भाजपा के कुछ अन्य स्थानीय नेताओं के नाम और तस्वीरें नहीं थीं। इसे लेकर स्थानीय नेताओं और उनके समर्थकों में नाराजगी सामने आई। कुछ समर्थकों ने पोस्टरों के फोटो और वीडियो के साथ नगर निगम अधिकारियों से शिकायत भी की।

पोस्टर हटाने को लेकर निगम अधिकारियों से शिकायत

सूत्रों के मुताबिक, एक नेता के समर्थकों ने इन पोस्टरों को हटाने के लिए निगम अधिकारियों से शिकायत की थी। हालांकि पोस्टरों पर प्रभावशाली नेताओं की तस्वीरें और नाम होने के कारण निगम की कार्रवाई को लेकर भी चर्चा रही।

इंदौर में धार्मिक और राजनीतिक आयोजनों के दौरान बड़े पैमाने पर बैनर-पोस्टर लगाए जाते हैं। ऐसे में पोस्टर पर किस नेता की तस्वीर है और किसकी नहीं, यह भी अब स्थानीय राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जाने लगा है।

फोटो गायब तो चुनावी दावेदारी की चर्चा

शहर में चल रही इस पोस्टर पॉलिटिक्स के बीच नेताओं के समर्थकों के बीच नई तरह की चर्चा भी शुरू हो गई है। किसी स्थानीय नेता की तस्वीर पोस्टर से गायब होने पर समर्थक इसे जानबूझकर किया गया कदम बताते हैं।

वहीं, कुछ समर्थकों का दावा है कि धार्मिक आयोजनों के पोस्टरों में सक्रिय नेताओं की तस्वीरों के जरिए स्थानीय विधानसभा या वार्ड से संभावित चुनावी दावेदारी का संकेत देने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

समर्थकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज

पोस्टर विवाद के बीच भाजपा प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे के समर्थक अस्सू हार्डिया को लेकर भी आरोप लगाए गए। एक नेता के समर्थक ने आरोप लगाया कि हार्डिया के खिलाफ अवैध कॉलोनी काटने से जुड़ा प्रकरण दर्ज हुआ था।

हालांकि, पोस्टर लगाने वालों की ओर से इन आरोपों पर सफाई दी गई है। उनका कहना है कि यह धार्मिक आयोजन था और ऐसे आयोजनों के पोस्टरों में तस्वीरें लगाने को लेकर पार्टी स्तर पर कोई तय लाइन नहीं होती। उनका उद्देश्य किसी नेता को नजरअंदाज करना नहीं था।

कोर्ट की सख्ती के बावजूद नहीं थम रही पोस्टरबाजी

शहरों में अवैध और बेतरतीब बैनर-पोस्टर को लेकर अदालतें लगातार सख्त रुख अपनाती रही हैं। इसके बावजूद इंदौर में धार्मिक और राजनीतिक आयोजनों के नाम पर पोस्टर लगाने का सिलसिला जारी है।

अब सवाल यह है कि शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था को प्रभावित करने वाले इन पोस्टरों पर नगर निगम कितना प्रभावी नियंत्रण कर पाता है और राजनीतिक तस्वीरों को लेकर चल रही ‘पोस्टर पॉलिटिक्स’ आने वाले दिनों में किस दिशा में जाती है।